
Alleged Conversion
भोपाल के चर्चित मछली माफिया शारिक मछली मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शिकायत की जाँच के बाद मत्स्य विभाग की मिलीभगत को उजागर किया है, आयोग की जाँच में सामने आया है कि तत्कालीन कलेक्टर के आदेश के बाद शारिक और उसके सहयोगियों ने मत्स्य विभाग के अफसरों से मिलीभगत कर दो डैम के पट्टों का फर्जी तरीके से आवंटन करा लिया, आयोग ने इस मामले में दोषी मत्स्य विभाग के अफसरों पर एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं साथ ही शासन की नोटिस जारी किये है।
शारिक मछली मामले में एक शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास भी पहुंची थी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक प्रसिद्ध मछली माफिया सरगना ने सरकारी मत्स्य अधिकारी की मदद से फर्जी सहकारी समितियों का उपयोग कर दो जलाशयों के मछली ठेके अवैध रूप से प्राप्त कर लिए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाये कि भोपाल कलेक्टर द्वारा पंजीयन निरस्त करने एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के पूर्व आदेशों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि ठेके अब भी माफिया के सहयोगियों द्वारा पर्दे के पीछे संचालित किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने कॉल रिकॉर्डिंग और दस्तावेज साक्ष्य स्वरूप संलग्न किए हैं तथा अपराध शाखा, भोपाल से जांच की मांग की।
भोपाल कलेक्टर के आदेश को मत्स्य विभाग के अफसरों ने हवा में उड़ाया
शिकायतकर्ता ने कहा कि चंदेरी डैम का पट्टा जलील मोहम्मद खान उर्फ नेकलूमियां को ईटखेरी मत्स्य उद्योग सहकारी संस्था, भोपाल के माध्यम से दिया गया। जांच में यह अवैध पाया गया और तत्कालीन कलेक्टर ने पट्टा निरस्त कर आपराधिक कार्यवाही का आदेश दिया लेकिन इसके बावजूद सहायक संचालक, मत्स्य विभाग, भोपाल ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे मछुआ समिति के एससी/एसटी सदस्यों का रोजगार छिन गया और उनके पारंपरिक/वंशानुगत अधिकारों का उल्लंघन हुआ।
मछुआरों को रोजगार और अधिकारों से किया वंचित
इसी तरह इस्लामनगर मत्स्य उद्योग सहकारी संस्था, भोपाल को लगातार 10 वर्षों से हाटईखेड़ा डैम एक अवैध पट्टे दिए गए। इससे जलील मोहम्मद खान, शारिक मछली, उनके भाई व मुकेश ठाकुर लाभान्वित हुए। यह सब सहायक संचालक, मत्स्य विभाग, भोपाल की मिलीभगत से हुआ। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अवैध पट्टे आवंटित कर मत्स्य विभाग के संबंधित अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति बनाई और पारंपरिक एससी/एसटी मछुआरों को उनके अधिकारों से वंचित किया।
NHRC ने दोषी अफसरों पर FIR के निर्देश दिए
शिकायत की जाँच के बाद प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के अंतर्गत संज्ञान लिया। आयोग ने अधिकारियों के कृत्य को गंभीर अपराध मानते हुए पुलिस आयुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट भोपाल FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
इन अधिकारियों को नोटिस जारी
आयोग ने प्रमुख सचिव, मत्स्य विभाग, अपर मुख्य सचिव, सहकारिता विभाग और पुलिस आयुक्त व जिला मजिस्ट्रेट, भोपाल को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिए हैं, आयोग ने कहा कि चंदेरी डैम और हाटईखेड़ा डैम के पट्टा आवंटन व संचालन की जांच करें, अवैध कार्यों में शामिल दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही करें और दो सप्ताह के भीतर कार्यवाही प्रतिवेदन (ATR) प्रस्तुत करें।



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