छोटे बच्चों के परीक्षा केंद्र दूर बनाने पर आपत्ति, शासकीय शिक्षक संगठन ने सचिव शिक्षा विभाग को लिखा पत्र

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Objection to make examination center away : शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने कहा है कि प्रदेश में कक्षा पांचवीं एवं आठवीं के परीक्षा केन्द्र 10 से 15 किलोमीटर दूर बनाए जा रहे हैं। संगठन ने कहा कि संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा ये निर्देश दिए गए हैं और ये बच्चों के लिए परेशानी का सबब बन जाएगा। छोटे बच्चों का परीक्षा केन्द्र् तक पहुंचना दूभर होगा और ऐसे में कई बच्चे परीक्षा देने से वंचित भी रह सकते हैं। इसे लेकर उन्होने स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री के सचिव को पत्र लिखा है।

शासकीय शिक्षक संगठन ने लिखा पत्र

संगठन ने इस पत्र में लिखा है कि ‘मध्य प्रदेश में हो रहे नित नए प्रयोग प्रदेश की शिक्षा व्यवस्‍था को उंचाईयों में ले जाएंगे या गर्त में, यह तो आने वाला समय बताएगा, परन्तु वर्तमान में संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग में जिला परियोजना समन्वयकों को दिए गए निर्देश पर कक्षा पांचवीं एवं आठवीं के वार्षिक मूल्यां कन हेतु बनाए जाने वाले परीक्षा केन्द्रों की संख्या में कमी करने के आदेश किए गए हैं, उक्त् वीडियो कांफ्रेंसिंग में एक जनशिक्षा केन्द्र के अंतर्गत अधिकतम 03 परीक्षा केन्द्रं बनाने के निर्देश जारी किए हैं।’

शासकीय शिक्षक संगठन के प्रान्ताध्यक्ष राकेश दुबे ने बताया कि एक जनशिक्षा केन्द्र में 40 से 45 तक शासकीय विद्यालय एवं इनके अतिरिक्त कई अशासकीय विद्यालय आते हैं। और एक जनशिक्षा केन्द्र कम से कम 10-12 किलोमीटर से लेकर 15 किलोमीटर तक के रेडियस में फैला होता है। ऐसे में कक्षा 5 और 8 के छोटे बच्चों को तीन परीक्षा केन्द्रों में सीमित करना न केवल असुविधाजनक बल्कि गैर व्यावहारिक भी है। इसी के साथ ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में इतनी बैठक व्यवस्था होना कि 10 से 15 स्कूलों के बच्चे परीक्षा दे सकें, यह भी न तो संभव है और न ही सुविधाजनक। इसका दुष्परिणाम यह होगा कि आवागमन की सुविधा के अभाव में एवं दूरी अधिक होने व बैठक व्यवस्था पर्याप्त एवं सुविधाजनक न होने के कारण शत-प्रतिशत बच्चे परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाएंगे। संगठन का आरोप है कि जहां एक ओर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री ज्यादा से ज्यादा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने एवं परीक्षा को सरल बनाने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग द्वारा जारी इस तरह के निर्देशों से बच्चे विद्यालय एवं परीक्षा से दूर होंगे।

शासकीय शिक्षक संगठन के प्रान्ताध्यक्ष राकेश दुबे ने स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री, अध्यक्ष बालसंरक्षण आयोग, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा एवं संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि मध्यप्रदेश में कक्षा पांचवीं एवं आठवीं के वार्षिक मूल्यांकन के लिए बनाए जाने वाले परीक्षा केन्द्रों की संख्या इतनी पर्याप्त रखी जाए कि बच्चों को 2 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय न करनी पड़े। अगर ऐसा न किया गया तो परीक्षा में छात्रों की कम उपस्थिति एवं खराब परीक्षा परिणाम के लिए जिम्मेदार शिक्षक नहीं, बल्कि इस तरह की अव्यवहारिक नीति बनाने वाले अधिकारी होंगे।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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