शादी के बाद कथा कराने आये पंडितजी निकले पॉजिटिव, दूल्हा और भाई भी हुआ संक्रमित

शादी के बाद कथा कराने आये पंडितजी निकले पॉजिटिव, दूल्हा और भाई भी हुआ संक्रमित

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) ने रफ़्तार पकड़ ली है| खासकर राजधानी भोपाल (Bhopal) में अब स्थिति बिगड़ती नजर आ रही है| जिसके चलते अब सरकार ने भोपाल को सिर्फ पांच दिन खुले रहने और दो दिन बंद रखने का फैसला किया है| कोरोना से बचाव के लिए जारी नियमों का पालन न करना घातक साबित हो रहा है| लोगों की लापरवाही किस कदर भारी पड़ रही है इसका मामला भोपाल में सामने आया| जहां शादी के बाद कथा कराने आये पंडित जी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव निकले| उनकी वजह से दूल्हा और उसका भाई पॉजिटिव हो गए।

जानकारी के मुताबिक मामला भोपाल के गोविंदपुरा की बिजली कॉलोनी का है। यहां रहने वाले एक परिवार में पिछले दिनों बेटे की शादी हुई। शादी के बाद घर में पंडित जी को बुलाकर कथा करवाई गई। इसमें वर-वधू पक्ष के परिवार वाले शामिल हुए। अगले दिन पता चला कि पंडितजी कोरोना पॉजिटिव हैं। जिससे हलचल मचते ही परिवार में 12 लोगों के सैंपल लिए गए। जहां दूल्हा समेत उनके बड़े भाई की रिपोर्ट पॉजिटिव आईं जिन्हें फिलहाल क्वारैंटाइन किया गया। तो वहीं दुल्हन को मायके भेजा गया जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।

मृत्युभोज से लौटी बहु पॉजिटिव, परिवार के चार लोग भी संक्रमित
एक अन्य ऐसा ही मामला भोपाल के बैरागढ़ में भी सामने आया| जहां एक परिवार की बहु परिचित के यहां भोज में शामिल होने गई थी| जिसके बाद उसमे कोरोना के लक्षण दिखाई दिए| जान कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई, वहीं परिवार के अन्य सदस्य भी संक्रमित हो गए| इसमें महिला के पति और ससुर समेत चार लोग और पॉजिटिव पाए गए।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews