सिंधिया समर्थक पूर्व MLA की पुलिस अधिकारी के साथ जमकर तू-तू मैं-मैं

सिंधिया समर्थक पूर्व MLA की पुलिस अधिकारी के साथ जमकर तू-तू मैं-मैं

भोपाल।कांग्रेस के पूर्व विधायक रहे और बगावत करके सिंधिया के साथ में विधायक पद छोड़ने वाले पोहरी के पूर्व विधायक सुरेश धाकड़ की एसडीओपी राकेश व्यास के साथ जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। दरअसल शनिवार को लोग गांव में बिना कागज बाइक चला रहे दो युवकों को एसडीओपी ने थाने में बिठा लिया था । इनमें से एक ने पूर्व विधायक के पुत्र जितेंद्र को फोन लगाया जो थाने पहुंच गया और एसडीओपी को दोनों लड़कों को तुरंत छोड़ने के लिए कहने लगा। इस पर एसडीओपी ने कहा कि मैं जल्द छोड़ दूंगा लेकिन लड़के का इस पर एसडीओपी से विवाद हो गया ।मामले की जानकारी जब पूर्व विधायक को लगी तो उन्होंने एसडीओपी को फोन लगाया और जमकर चमकाने लगे। उन्होंने एसडीओपी से कहा कि तुम लड़के को चांटा मारने की कैसे कह रहे थे ।इस पर एसडीओपी ने इससे इन्कार किया और कहा कि लड़का मुझे आंखें दिखा रहा था। वाद-विवाद करीब 5 मिनट तक चलता रहा लेकिन एसडीओपी ने पूर्व विधायक के सामने घुटने नहीं टेके। हालांकि एसडीओपी ने बिना रजिस्ट्रेशन और कागज की गाड़ी कैसे छोड़ दी ,यह बात भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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