प्रदेश सरकार ने 12 करोड़ में खरीदी 1 लाख कोरोना टेस्ट किट, 200 नए वेंटिलेटर भी आएंगे

प्रदेश सरकार ने 12 करोड़ में खरीदी 1 लाख कोरोना टेस्ट किट, 200 नए वेंटिलेटर भी आएंगे

प्रदेश में कोरोना के बढ़ते कहर के बीच सरकार की प्राथमिकता इसे रोकने के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना भी है। अब तक कई स्थानों पर प्राइवेट अस्पताल और क्लिनिक अधिगृहित किये जा चुके हैं, साथ ही कोरोना जांच के लिये भी पर्याप्त संसाधन जुटाने की कवायद जारी है। इसी कड़ी में अब प्रदेश सरकार एक लाख कोरोना टेस्ट किट खरीदने जा रही है और इसके लिये ऑर्डर दे दिये गए हैं। उम्मीद है कि 6 अप्रैल से ये टेस्ट किस आनी शुरू हो जाएगी।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च तथा पुणे, मुंबई व दिल्ली से टेस्ट किट मंगाई जा रही है। अगर लॉकडाउन 14 अप्रैल के बाद बढ़ाया जाता है तो उस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और आवश्यक साधनों को लेकर सरकार अग्रिम रूप से तैयारी कर रही है और इसीलिये पर्याप्त संख्या में टेस्ट किट की खरीद भी की जा रही है। बता दें कि अब तक प्रदेश में मात्र 5 हज़ार टेट्स किट उपलब्ध है लेकिन अप्रैल के पहले सप्ताल में पहली खेप आने के बाद इनकी संख्या 20 हजार तक पहुंच जाएगी। इसी के साथ सरकार ने 200 वेंटिलेटर भी खरीदे हैं और आज या कल में पहले 45 वेंटिलेटर आ जाएंगे। फिलहाल भोपाल और इंदौर के साथ प्रदेश के सभी पुराने मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर मौजूद है इसलिये नए आने वाले वेंटिलेटर्स पहले रतलाम, विदिशा और शहडोल में भिजवाए जाएंगे। इसके बाद अन्य स्थानों पर अतिरिक्त वेंटिलेटर मुहैया कराए जाएंगे, एक वेंटिलेटर के लिये सरकार 14 लाख रूपये खर्च कर रही है।

प्रदेश सरकार हर मुमकिन कोशिश कर रही है कि अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में टेस्ट किट और अन्य जरूरी संसाधन हो। अप्रैल के पहले सप्ताह के बाद हर सप्ताह 20 हजार टेस्ट किट मिलने लगेंगी जिन्हें सर्वाधिक प्रभावित जिलों में पहले भिजवाया जाएगा। वहीं इस एक लाख टेस्ट किट के पहले आर्डर के बाद सरकार की कोशिश है कि एक लाख टेस्ट किट और खरीदी जाए। इसी के साथ वेंटिलेटर की संख्या भी बढ़ाई जा रही है ताकि मरीजों को हरसंभव उपचार और साधन उपलब्ध हों।

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निदेशक और संपादक

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