उमंग सिंघार ने धरती आबा योजना को लेकर किए सवाल, MP में शेडनेट हाउस निर्माण में करोड़ों की अनियमितताओं का आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर शेडनेट हाउस का निर्माण किए बिना ही कार्य पूर्ण दर्ज कर दिया गया। कांग्रेस नेता ने मांग की है कि आदिवासियों के नाम पर चल रही योजनाओं में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
Leader of the Opposition Umang Singhar

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में धरती आबा प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत शेडनेट हाउस निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर जमीन पर काम अधूरा या शुरू ही नहीं हुआ, जबकि सरकारी पोर्टल पर कार्य 100 प्रतिशत पूर्ण दिखाया गया है। सिंघार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ 12 घंटे के भीतर 82 आवेदन दर्ज किए गए और करीब 13.30 करोड़ रुपये के कार्य आदेश जारी कर दिए गए। उनका कहना है कि बुरहानपुर, खरगोन, इंदौर, दमोह और सिंगरौली सहित कई जिलों में आदिवासी किसानों के खेतों में शेडनेट हाउस का निर्माण किए बिना ही पोर्टल पर काम पूरा दर्ज कर दिया गया और भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की गई।

उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल

उमंग सिंघार ने कहा कि सबसे गंभीर पहलू यह है कि भाजपा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भी संबंधित कलेक्टरों को पत्र लिखकर भुगतान पर रोक लगाने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल किया कि यदि निर्माण कार्य नहीं हुए तो पोर्टल पर उन्हें पूरा किस आधार पर दिखाया गया और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बुरहानपुर, खरगोन, इंदौर, दमोह और सिंगरौली के कई आदिवासी किसानों के खेतों में अलग-अलग तारीखों पर एक साथ कार्य पूर्ण दर्ज कर दिया गया, जबकि मौके पर निर्माण नहीं हुआ है।

मामले की जांच की मांग

सोशल मीडिया पर एक पोस्टर शेयर करते हुए उन्होंने आरोप लगाया है कि योजना में अधिकृत एजेंसियों मेसर्स किसान एग्रीटेक (इंडिया) प्रा. लि. और ओसवाल हॉर्टीटेक्निक्स प्रा. लि. का नाम पहले भी विभिन्न परियोजनाओं में विवादों से जुड़ चुका है। इसमें दावा किया गया है कि दोनों कंपनियों को अटल भूजल योजना में वर्ष 2025 में ब्लैकलिस्ट किया गया था तथा उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 में सत्यापन संबंधी अनियमितताओं के मामले में एफआईआर भी दर्ज हुई थी। उमंग सिंघार ने सवाल किया कि आदिवासियों के नाम पर चल रही योजनाओं में ये धांधली कैसे की गई। उन्होंने पूछा है कि किसके संरक्षण में आदिवासियों के अधिकारों और सरकारी धन के साथ यह खिलवाड़ हो रहा है। कांग्रेस नेता ने पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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