
Umang Singhar
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल के हमीदिया अस्पताल में लिफ्ट ऑपरेटरों की समस्या को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 720 करोड़ की भारी-भरकम लागत से बने 11-11 मंजिला आधुनिक भवनों में 24 लिफ्ट होने के बावजूद आज हालात इतने बदतर हो गए हैं कि गंभीर मरीज, दिल के रोगी, गर्भवती महिलाएं और इमरजेंसी केस घंटों लिफ्ट के इंतजार में फंसे रह रहे हैं।
उन्होंने इसे सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि अमानवीयता की पराकाष्ठा बताया है। इसी के साथ मुख्यमंत्री से मांग की है कि लिफ्ट ऑपरेटरों का बकाया वेतन का तुरंत भुगतान किया जाए, लिफ्ट संचालकों की बहाली हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
हमीदिया अस्पताल में लिफ्ट ऑपरेटरों ने छेड़ी आर-पार की लड़ाई
हमीदिया अस्पताल भोपाल का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है जहां प्रदेशभर से मरीज इलाज के लिए आते हैं। कुछ साल पहले यहां 720 करोड़ की लागत से दो नए 11-11 मंजिला आधुनिक भवन बनाए गए थे, जिनमें कुल 24 लिफ्ट लगाई गई थीं। इन भवनों का मकसद था कि ऊंची मंजिलों पर होने वाले विभागों तक मरीजों और स्टाफ की आसान पहुंच हो खासकर इमरजेंसी, कार्डियोलॉजी, गायनेकोलॉजी और अन्य गंभीर केस में। लेकिन इन आधुनिक सुविधाओं के बावजूद लिफ्टों का संचालन ठेकेदार प्रणाली पर निर्भर है। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) के जरिए गांधी मेडिकल कॉलेज ने एक निजी एजेंसी को लिफ्ट ऑपरेशन का टेंडर दिया था।
समस्या यह है कि लंबे समय से अस्पताल प्रबंधन और ठेकेदार के बीच भुगतान को लेकर खींचतान चल रही है। लगभग 3.25 करोड़ की राशि पिछले एक साल से अटकी हुई है, जिसके कारण ठेकेदार ने ऑपरेटरों को नियमित वेतन नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि ऑपरेटरों ने छह महीने की बकाया सैलरी से तंग आकर सामूहिक रूप से नौकरी छोड़ दी। कुछ तो लिफ्ट की चाबियां भी साथ ले गए जिस कारण स्टाफ और मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उमंग सिंघार ने सरकार से की कार्रवाई की मांग
इस मामले को लेकर अब कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है। उमंग सिंघार ने कहा है कि जब सरकार इतनी बड़ी रकम इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कर रही है तो कर्मचारियों को समय पर वेतन देना भी उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही है बल्कि अमानवीयता भी है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि “मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार डगमगाती रही है। 6 महीने से वेतन न मिलने के कारण सभी लिफ्ट ऑपरेटरों ने नौकरी छोड़ दी और 3.25 करोड़ का भुगतान एक साल से अटका हुआ है। इसका खामियाजा सीधे मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।” उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले बकाया वेतन का भुगतान करने, लिफ्ट ऑपरेटरों की बहाली और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
मध्यप्रदेश की निरंतर डगमगाती स्वास्थ्य व्यवस्था !
भोपाल के हमीदिया अस्पताल में 6 महीने से वेतन न मिलने के कारण सभी लिफ्ट ऑपरेटरों ने नौकरी छोड़ी, ₹3.25 करोड़ का भुगतान एक साल से अटका हुआ है, इसका खामियाजा सीधे मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
₹720 करोड़ की लागत से बने 11-11… pic.twitter.com/uKfqq4748H
— Umang Singhar (@UmangSinghar) March 27, 2026
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

