भोपाल IRC सेमिनार में बोले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, हमें क्वालिटी से समझौता नहीं करने और एक्सीडेंट फ्री सड़कें बनाने का संकल्प लेना होगा

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने सड़क निर्माण कार्य में जुटे लोगों से कहा कि आप लोग ही विश्वकर्मा हो लेकिन कभी कभी क्रेडिट मुझे मिल जाता है लेकिन जब गड्डे होते हैं तो मुझे गाली भी मिलती है।
Nitin Gadkari

Bhopal IRC Seminar: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राजधानी भोपाल में “सड़क और पुल निर्माण में नवीनतम प्रवृत्तियों और तकनीकों” पर आधारित दो दिवसीय सेमिनार कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। उन्होंने सड़क निर्माण में हो रही नई तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि सड़क निर्माण में पर्यावरण बचाने के भी ध्यान रखें साथ ही ये संकल्प लें कि सड़कें एक्सीडेंट मुक्त होंगी और क्वालिटी से समझौता नहीं करेंगे, यदि ये संकल्प सडक निर्माण में लगी कम्पनियां और अधिकारी ले लेंगे तो न सिर्फ लोगों की जान बचेगी बल्कि भारत का भविष्य भी उज्जवल होगा।

इंडियन रोड कांग्रेस (IRC) द्वारा भोपाल के रविन्द्र भवन में आज से शुरू हुए दो दिवसीय सेमिनार को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने सड़क निर्माण से जुड़ी बहुत से बुनियादी बातों पर जोर दिया, उन्होंने सड़क निर्माण कार्य में जुटे लोगों से कहा कि आप लोग ही विश्वकर्मा हो लेकिन कभी कभी क्रेडिट मुझे मिल जाता है लेकिन जब गड्डे होते हैं तो मुझे गाली भी मिलती है।

DPR बनाने वाले अफसरों पर गडकरी की चुटकी 

उन्होंने डीपीआर बनाने वाले अफसरों पर चुटकी लेते हुए कहा कि बहुत से लोग कमरे में बैठकर गूगल से देखकर डीपीआर बनाते हैं, और जब सड़क पर मंदिर या मस्जिद आती है तो काम रोक देते हैं और फिर हमारे पास आते है तो फिर निर्माण का समय और कास्ट बढती है इसलिए मेरा सुझाव है कि डीपीआर को सिविल इंजीनियरिंग के स्टूडेंट से क्रॉस चैक कराइए जिससे उन्हें भी अनुभव मिलेगा। एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन की तारीफ करते हुए गडकरी ने गति शक्ति का पूरा क्रेडिट उन्हें दिया, गडकरी ने सड़क निर्माण से जुड़े कई परियोजनों में अनुराग जैन के योगदान के उदाहरण दिए।

CM Dr Mohan Yadav ने बड़े तालाब के निर्माण की तकनीक याद दिलाई  

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस मौके पर कहा कि हमें नई तकनीक के साथ साथ पुरानी तकनीक को भी साथ लेकर चलना जरूरी है , सीएम ने भोपाल एक बड़े तालाब का जिक्र करते हुए कहा कि हम जब डेम बनाते हैं तो मुख्य धारा को रोक देते हैं लेकिन 1 हजार साल पहले बना बड़ा तालाब में ऐसा नहीं हुआ और आज भी ये शान से खड़ा है।

CS अनुराग जैन ने तकनीक को लेकर दिया ये उदाहरण 

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ किये कार्य अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे जो लाभ मिला निश्चित ही वो मध्य प्रदेश के काम आयेगा, उन्होंने कहा कि तकनीक की आज हर जगह जरुरत है , तकनीक होती क्या है काम करने का नया तरीका, शुरू में ये महंगी होती है लेकिन जैसे जैसे डिमांड बढती है ये सस्ती होती जाती है और ब्रिज निर्माण कार्य की लागत कम होती जाती है, सीएम मोहन यादव की तारीफ करते हुए कहा कि मुझे अभी केवल 15 दिन ही हुए काम करते हुए वे हमेशा पॉजिटिव काम करने वालों को बढ़ावा देते हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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