टीचर को मनाते क्यूट बच्चे के वायरल वीडियो में ऐसा क्या है खास? “गुलजार” ने भी किया शेयर

टीचर को मनाते क्यूट बच्चे के वायरल वीडियो में ऐसा क्या है खास? “गुलजार” ने भी किया शेयर

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कुछ वायरल वीडियो (Viral Video) ऐसे होते हैं जो बहुत जल्दी सोशल मीडिया की सनसनी बन (Viral video became a social media sensation) जाते हैं। ऐस ही एक वीडियो इस समय वायरल हो रहा है जिसमें एक क्यूट गोलू मोलू सा बच्चा रूठी हुई टीचर से माफ़ी मांगते हुए उसे मनाने का प्रयास कर रहा है।  इस वीडियो को अबतक कई मिलियन्स व्यूज मिल चुके हैं।

वायरल वीडियो में बच्चे की क्यूटनेस देखकर इसे लोग लगातार शेयर कर रहे हैं, बहुत से न्यूज़ चैनल और बड़े बड़े अख़बारों ने अपनी डिजिटल साइट पर इस शेयर किया है और बताया कि ये वायरल वीडियो छपरा जिला नामक सोशल मीडिया एकाउंट से लिया गया है हालाँकि अभी ये पता नहीं चला है कि ये किस स्कूल का वीडियो है।

इसलिए वायरल हो रहा वीडियो

01 मिनट 26 सेकण्ड के इस वायरल वीडियो में एक टीचर और मासूम से बच्चे के बीच बातचीत है। ऐसा दिखाई दे रहा है कि बच्चे की गलती पर टीचर डांटने की जगह उससे नाराज होकर बच्चे को उसकी गलती का अहसास करा रही है।  बच्चा कहता है अब नहीं करूँगा , टीचर कहती हैं नहीं आप बार बार करते हो।  ये सिलसिला कुछ देर चलता है, टीचर रूठ जाती है बच्चा टीचर के गले में दोनों हाथ डालकर कहता है अब नहीं करूँगा, टीचर कहती हैं मुझे आपसे बात नहीं करनी , बच्चा कहता है प्रॉमिस, अब नहीं करूँगा।  टीचर कहती है पक्का, बच्चे के हाँ बोलते ही टीचर किस करने के लिए कहती है फिर बड़ा वाला किस और फिर दूसरे गाल पर किस करने के लिए कहती है और फिर बच्चे के गाल पर किस करती है।

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ये लिखा गुलजार ने

सोशल मीडिया की सेंसेशन बन रहे इस वीडियो को प्रसिद्द कवि और गीतकार गुलजार साहब ने भी अपने ट्विटर एकाउंट पर शेयर किया है – उन्होंने भी इस एपोस्ट करते हुए लिखा है – ऐसा स्कूल मेरे बचपन में क्यों नहीं था।  आपको बता दें की इस क्यूट से वीडियो को देखकर लोग तरह तरह के कमेंट भी कर रहे हैं।

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सोशल मीडिया पर आ रहे इस तरह के कमेंट

यूजर्स लिख रहे हैं , स्कूल तो थे लेकिन ऐसे टीचर नहीं थी, हमने तो टीचर को केवल हाथ में छड़ी लिए देखा है, हमें ख़ुशी है कि जो हमें नहीं मिला इसे तो मिला, काश हमारे समय भी ऐसी मैडम होती, हमारे समय में तो केवल कुटाई होती थी , सफाई देने का मौका ही  नहीं मिलता था, और भी कई तरह के कमेंट लोग कर रहे हैं।

https://twitter.com/Gulzar_sahab/status/1569327422000230400

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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