विश्व फोटोग्राफी दिवस : यादों का दस्तावेज हैं तस्वीरें, सीएम डॉ. मोहन यादव ने फोटोग्राफरों के साथ खिंचवाई फोटो

कहते हैं एक तस्वीर हज़ार शब्दों के बराबर होती है। एक फ्रेम में कैद की गई एक छोटी सी झलक भी भावनाओं, यादों और कहानियों का सागर समेट सकती है। विश्व फोटोग्राफी दिवस पर हर क्लिक सिर्फ रोशनी और रंग नहीं, बल्कि जीवन के अनमोल पलों, प्रकृति की सुंदरता और हमारी भावनाओं को भी एक शक्ल दे देता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि तस्वीरों के ज़रिए हम किसी समय और स्मृति को हमेशा के लिए अमिट बना सकते हैं।
World Photography Day

आज विश्व फोटोग्राफी दिवस है। हर साल 19 अगस्त को यह दिन फोटोग्राफी के विकास और इसके माध्यम से व्यक्त की गई रचनात्मकता को मान्यता देने के उद्देश्य के साथ मनाया जाता है। यह दिन न सिर्फ फोटोग्राफरों के योगदान की सराहना करता है बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि कैसे एक तस्वीर समय स्थान और भावना को एक फ्रेम में कैद कर सकती है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने विश्व फोटोग्राफी दिवस पर सभी फोटोग्राफरों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पर प्रेस प्रकोष्ठ से जुड़े फोटोग्राफरों के साथ फोटो खिंचवाई। उन्होंने कहा कि ‘ फोटोग्राफर हमारी सांस्कृतिक विविधता, प्रदेश की समृद्ध विरासत और सुंदरता को विश्व के सम्मुख प्रस्तुत करने का प्रभावी माध्यम हैं। प्राकृतिक सौंदर्य, लोक संस्कृति और अद्वितीय वन्य जीवन से समृद्ध मध्यप्रदेश, फोटोग्राफर्स के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। उन सभी को नमन करता हूं, जिन्होंने कैमरे के माध्यम से मध्यप्रदेश को विश्वपटल पर चमकाने के प्रयास किए हैं।’

क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस

विश्व फोटोग्राफी दिवस की शुरुआत 19 अगस्त 1839 को हुई थी जब फ्रांसीसी वैज्ञानिक लुई डागेरे द्वारा विकसित डागेरियोटाइप प्रक्रिया को फ्रांसीसी सरकार ने सार्वजनिक किया। यह तकनीक पहली बार स्थायी छवियों को कैद करने की प्रक्रिया थी और इसे आधुनिक फोटोग्राफी की नींव माना जाता है। इसी याद में हर साल हर साल 19 अगस्त को विश्व फोटोग्राफी दिवस मनाया जाता है। आधिकारिक तौर पर इस दिन को मनाने की शुरुआत 2010 में हुई थी। इसका उद्देश्य फोटोग्राफी के माध्यम से रचनात्मकता, समाज और संस्कृति के महत्व को मान्यता देना और फोटोग्राफरों को प्रोत्साहित करना है।

तस्वीरों में छिपी सभ्यता और संस्कृति की कहानी

फोटो हमारी यादों का दस्तावेज होती हैं। फोटोग्राफी ने हमारे इतिहास और समाज को संजोने में अहम भूमिका निभाई है। स्वतंत्रता संग्राम की तस्वीरों से लेकर पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता फैलाने वाली छवियों तक यह कला सामाजिक बदलाव का शक्तिशाली माध्यम रही है। स्मार्टफोन और डिजिटल कैमरों ने इसे और अधिक सुलभ बनाया है, जिससे हर व्यक्ति फोटोग्राफर बन सकता है। आज के समय में ड्रोन फोटोग्राफी, 360 डिग्री इमेजिंग और  एआई आधारित फोटो एडिटिंग ने फोटोग्राफी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यह और अधिक इंटरैक्टिव और इमर्सिव होगी। अगर आपको भी खास और बेहतरीन पलों को कैमरे में कैद करने का शौक है तो आज का दिन उसके लिए सबसे मुफीद है। तो उठाइए अपना कैमरा या स्मार्टफोन और विश्व फोटोग्राफी दिवस पर एक शानदार क्लिक के साथ इस दिन को अपनी यादों में संजो लीजिए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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