कृषि मंत्री कमल पटेल की चेतावनी, यूरिया की कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

CABINET MEETING

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल (Agriculture Minister Of Madhya Pradesh) ने दावा किया है कि, मध्यप्रदेश में यूरिया खाद (Uria In Madhya Pradesh) की कोई कमी नहीं है। उन्होंने भरोसा दिया है कि, हर किसान को यूरिया की पूर्ति की जाएगी। प्रदेश सरकार (Sate Government) ने केंद्र सरकार (Central Government) से 22 लाख मीट्रिक टन यूरिया की डिमांड की है, जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी भी दे दी है, लिहाजा अब किसानों (Farmers) को यूरिया के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

कृषि मंत्री कमल पटेल ने बताया कि, बीते साल अक्टूबर माह में प्रदेश में 2,28,000 मीट्रिक टन यूरिया आई थी, लेकिन इस साल अक्टूबर माह में प्रदेश को 5 लाख मीट्रिक टन यूरिया मिल चुकी है, जो कि बीते साल से दोगुने से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि, यदि कोई संस्था या खाद विक्रेता के द्वारा किसी भी किसान से यूरिया के निर्धारित मूल्य 266 से अधिक रुपए लिए जाते हैं, तो संबंधित किसान के द्वारा कमल सुविधा केंद्र पर शिकायत दर्ज कराने के बाद उस विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि, इस साल रबी सीजन में पूरे प्रदेश के किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं 55 फीसदी हिस्सा सहकारी समितियों के द्वारा किसानों को वितरित किया जाएगा। शेष 45 प्रतिशत बाजार से बेचा जाएगा। उन्होंने कहा कि, ब्लैक मार्केटिंग करने वाले प्रदेश में किसानों के बीच जाकर खाद की कमी की बात कर रहे हैं, जबकि पूरे प्रदेश में कहीं भी खाद की कोई कमी नहीं है।

मंत्री कमल पटेल ने कहा कि, प्रदेश के करीब 9 से 10 जिलों में चने के साथ तिवड़ा मिक्स होकर बिक्री के लिए लाया जाता था, जिसको लेकर किसानों को समर्थन मूल्य पर चना बेचने में परेशानी आती थी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए उन सभी जिलों में उच्च क्वालिटी का बीज 50 फीसदी सब्सिडी पर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनके द्वारा चने की फसल को बेचने में कोई परेशानी ना होने पाए।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews