सीएम शिवराज ने किया राग-भोपाली 2020 का शुभारंभ, 1938 की जरी-जरद़ोजी देख हुए अभिभूत

सीएम शिवराज ने किया राग-भोपाली 2020 का शुभारंभ, 1938 की जरी-जरद़ोजी देख हुए अभिभूत

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने रविवार को राजधानी के गौहर महल (Gohar Mahal) में ‘राग भोपाली 2020’ का उद्घाटन किया| मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने पिछली कलेक्टर कॉन्फ्रेंस (Collector Confrenece) में भोपाल (Bhopal) के परम्परागत जरी-जरद़ोजी के कार्य को अंतर्राष्ट्रीय पहचान और बाजार उपलब्ध कराने के कलेक्टर को निर्देश दिए थे। ‘राग – भोपाली 2020’ उसी की शुरूआत है।

सीएम शिवराज ने कहा जरी – जरद़ोजी की लुप्त होती कला को जीवित रखने के साथ ही इस काम में लगे शिल्पियों को रोजगार दिलाने के लिए सरकार कृत-संकल्पित है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के अच्छे परिणाम होंगे और हमारी बहनों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि ‘एक जिला – एक शिल्प” को प्रोत्साहित करने की यह शुरूआत है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान जरी – जरद़ोजी करते शिल्पकारों से हुए रू-ब-रू
मुख्यमंत्री श्री चौहान गौहर महल पहुँचते ही सबसे पहले जरी – जरद़ोजी का काम कर रही बहनों से मिले और उन्होंने इस बारीक कार्य को होते हुए देखा। उन्होंने शिल्पियों से जरदोजी कार्य की बारीकियां भी समझीं और कहा कि यह शुरूआत है, आगे आपको अपने कार्यों को पहचान देने के साथ ही बाजार उपलब्ध कराने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री को शिल्पियों ने अपने शिल्प भी भेंट किए।

कन्या पूजन और बांस शिल्प के गणेश की पूजा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यहाँ छह कन्याओं का पूजन कर ‘राग – भोपाली 2020’ का शुभारंभ किया। कन्या-पूजन में प्राय: सभी धर्म और वर्ग की बेटियां शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने बांस और जूट शिल्प से बनाए गए भगवान गणेश की पूजा की और शिल्प के दीपों को भी प्रज्जवलित किया।

1938 की जरद़ोजी देख अभिभूत हुए मुख्यमंत्री
प्रदर्शनी में भोपाल की कई जरी – जरद़ोजी शिल्प का प्रदर्शन किया गया है। ऐसे ही एक शिल्पी श्री मुमताज द्वारा असली चांदी और सोने की जरी से 1938 में दुपट्टे पर की गई जरद़ोजी प्रस्तुत की है। मुख्यमंत्री श्री सिंह इस कला को देखकर अभिभूत हुए। उन्होंने कहा कि वे इस कला को आगे ले जाने के लिए प्रयास करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान को कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने ‘आत्म निर्भर – राग भोपाली 2020’ की जरी-जरद़ोजी और जूट से बनी प्रतिकृति भी भेंट की।

मुख्यमंत्री ने लिखा – रोजगार मिलता रहे इसके लिए हर संभव उपाय करेंगे
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गौहर महल से प्रस्थान करने से पूर्व विजिटर्स बुक में लिखा कि ‘राग भोपाल के कारीगरों और हमारी बहनों द्वारा जरी का काम जो वर्षों से भोपाल में चला आ रहा है, उसे बाजार से जोड़ने का प्रयास किया है। यह कला आगे बढ़ती रहे और बहनों तथा कारीगरों को रोजगार मिलता रहे, इसके लिए हरसंभव उपाय करेंगे।

शिल्पियों को प्रमाण – पत्र वितरित
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संत रविदास म.प्र. हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम, भोपाल द्वारा जरी-जरद़ोजी प्रशिक्षण अंतर्गत शिल्पियों को प्रमाण – पत्र देकर सम्मानित किया। निगम द्वारा उन्नत औजार उपकरण वितरण योजना के तहत सुश्री अंकिता जाटव, राजनंदनी चौधरी, नन्नी बाई अहिरवार सहित 40 लोगों को उपकरण वितरित किए। उन्होंने सुश्री उषा अहिरवार, मोहिनी किशवाद, सरीता अहिरवार सहित अन्य 20 शिल्पियों को शिल्पी पहचान-पत्र दिये गये।

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