इंदौर को लेकर DGP सख्त, लोगों से की लॉक डाउन का पालन करने की अपील

इंदौर को लेकर DGP सख्त, लोगों से की लॉक डाउन का पालन करने की अपील

इंदौर।आकाश धोलपुरे।

मध्यप्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी शुक्रवार को इंदौर पहुंचे। बता दे कि कोरोना कहर के बीच इंदौर में स्वास्थ्य विभाग की टीम पर किये गए हमले के बाद इंदौर पर ना सिर्फ प्रदेश बल्कि केंद्र सरकार की भी कड़ी निगरानी है। बता दे कि 2 दिन पहले शहर के टाटपट्टी बाखल इलाके में ना सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की टीम पर हमला बोला गया बल्कि पुलिस से भी बदसलूकी की गई थी। जिसके बाद कई दोषियों पर रासुका की कार्रवाई की गई और घटना पर प्रदेश के सीएम ने चिंता जताई और दोषियो पर सख्ती दिखाने की बात की थी। इसी का परिणाम है कि शुक्रवार को प्रदेश के डीजीपी इंदौर के उन इलाकों में गए जहां के रहवासी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ सहयोग नही कर रहे है। डीजीपी मध्यप्रदेश ने शहर के छत्रीपुरा, जूनि इन्दौर और रानीपुरा थाना क्षेत्र में स्थित चिन्हित स्थानों का दौरा किया और
लोगो से लॉक डाउन का पालन करने की अपील भी की। दरअसल, मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं वहीं मौत का आंकड़ा भी 5 तक जक पहुंचा है । कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां से कोरोना के ज्यादा मरीज सामने रहे हैं। मध्यप्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी ने के छत्रीपुरा स्थित टाट पट्टी बाखल पहुंचकर वास्तु स्थिति की जानकारी ली जहां परसों स्वास्थ्य कर्मियों की टीम पर हमला हुआ था। इसके अलावा दूसरे क्षेत्रों का भी दौरा कर जनता को समझाइश दी और अपील की और कहा कि आगे ऐसी घटना ना हो और कोरोना ज्यादा ना फैले। उन्होंने कहा कि लोग सोशल डिस्टेंस बनाए रखें, घरों से ना निकले और लॉक डाउन का पालन करे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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