कोरोना सर्वे में लगी शिक्षकों की ड्यूटी, सूची में कैंसर रोगी तक के नाम शामिल

teachers wants designation

भोपाल।

कोरोना(corona) के संक्रमण के बीच शिक्षकों की भी ड्यूटी(duty) लगाई जा रही है। दरअसल शिवराज सरकार(shivraj government) द्वारा कोरोना सर्वे(corona survey) के लिए 1250 शिक्षकों की सूची तैयार की गई है। सूची में शामिल शिक्षकों को लोगों के घर-घर जाकर कोरोना सर्वे करना होगा। सरकार द्वारा जारी की गई ये सूची तब विवाद में आ गई जब इस सूची में ऐसे शिक्षकों के नाम भी शामिल थे जिनके रिटायरमेंट के अब केवल 8 से 9 महीने का समय रह गया है। इसी के साथ शनिवार को जारी हुई सर्वे शिक्षकों की लिस्ट में कैंसर से पीड़ित एक शिक्षिका का भी नाम शामिल है।

दरअसल प्रदेश मैं कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए एवं अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग के लिए राज्य शासन द्वारा 1250 शिक्षकों की सूची तैयार की गई। यह शिक्षक अन्य जिलों में लोगों के घर घर जाकर उनका कोरोना सर्वे करेंगे। किंतु इस सर्वे लिस्ट से शिक्षकों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। शिक्षकों का कहना है कि विभाग बिना सोचे समझे काम कर रहा है। जहां हमारी ड्यूटी तो लगाई जा रही है किंतु हमें किसी भी तरह की सुरक्षा एवं सुरक्षा संबंधी उपकरण एवं किट नहीं दिए जा रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि इस लिस्ट में ऐसे शिक्षकों के नाम भी शामिल है जो 8 या 9 महीने में रिटायर होने वाले हैं। जबकि शिक्षा विभाग की गाइडलाइन के अनुसार 55 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारी फ्रंट लाइन पर ड्यूटी नहीं कर सकते। वहीं शनिवार को जारी 48 सर्वे शिक्षक लिस्ट में एक कैंसर पीड़ित शिक्षिका की भी ड्यूटी लगाई गई है।

वहीं दूसरी तरफ भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि लिस्ट में जो भी नाम है वह उनकी तरफ से तैयार नहीं किए गए हैं। यह सारे कार्य प्रशासनिक स्तर पर तय किए गए हैं।

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