पत्थरबाजों पर नकेल कसने कानून बनाएगी सरकार, रामेश्वर शर्मा ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

पत्थरबाजों पर नकेल कसने कानून बनाएगी सरकार, रामेश्वर शर्मा ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने सरकार कानून बनाएगी| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने कहा है कि पत्थरबाजी करने वाले समाज के दुश्मन हैं। ऐसे लोगों को सख्त सजा देने के लिए कानून बनाने का निर्देश अफसरों को दे दिए हैं। प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा (Rameshwar Sharma) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्थरबाजों पर नकेल कसने के कानून बनाने का निर्णय ऐतिहासिक है यह मिल का पत्थर साबित होगा ।

दरअसल, शनिवार को प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने शाजापुर प्रवास के दौरान उज्जैन एवं इंदौर में रैली पर की गई पत्थर बाजी पर कहा था कि कुछ लोग मानवता की आड़ में पिशाच का रूप धारण किये हुए है ऐसे लोगो से सख्ती से निपटा जाएगा । शर्मा ने कहा की उज्जैन एवं इंदौर में पत्थर बाजो के घरों को जमींदोज की कार्यवाही स्वागत योग्य है| शर्मा ने सरकार से पत्थरबाजों के खिलाफ कड़े कानून बनाने की मांग की थी । शर्मा ने कहा था कि श्रीराम बारात, शिव बारात, दशहरा, दिवाली, रंगपंचमी, बारात आदि पर पत्थर फेकने वालो के घरों अथवा धार्मिक स्थलों का अधिग्रहण किया जाकर उसे जमींदोज करना चाहिए एवं सार्वजनिक व्यक्तिगत आदि संपत्तियों का हर्जाना संबंधित से वसूल कर उसे जेल भेजना चाहिए । रविवार को मुख्यमंत्री ने एलान किया है कि पत्थरबाजों पर नकेल कसने कानून बनाया जाएगा|

इंदौर, उज्जैन, नीमच, और मंदसौर में पिछले दिनों पत्थरबाजी की घटनाएं हुई हैं। जिससे मुख्यमंत्री नाराज हैं और उन्होंने इसको लेकर सख्त कानून बनाने की बात कही है| सीएम ने कहा केवल पत्थरबाजी नहीं, कई बार उत्पाती सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, आग लगा देते हैं। सार्वजनिक संपत्ति के साथ-साथ व्यक्तिगत संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया जाता है। किसी की दुकान में आग लगा दी, तोड़फोड़ कर दी, यह अक्षम्य अपराध है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से कोई अपनी बात कहे, लोकतंत्र इसकी इजाजत देता है, लेकिन आग लगा दो, तोड़फोड़ कर दो, पत्थर चला दो, इसकी इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। अब सरकार ने तय किया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ ना केवल कार्रवाई करेंगे, बल्कि अगर सार्वजनिक संपत्ति को कोई क्षति पहुंचाता है, तो सजा के साथ-साथ नुकसान की राशि वसूली जाएगी। इसके लिए भले ही उनकी प्राॅपर्टी राजसात ही क्यों न करना पड़े। उन्होंने कहा, मध्यप्रदेश में कानून का राज कायम रहेगा। इस तरह के अपराधी साधारण अपराधी नहीं है, इन्हीं छोड़ा नहीं जाएगा । अभी तो मामूली सी कार्रवाई होती थी, अब हम सख्त सजा का प्रावधान करने के लिए कानून बना रहे हैं।

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