नगरीय निकाय चुनाव : बैठक में कमलनाथ बोले- जैसा बीज बोयेंगे वैसी फसल काटेंगे

नगरीय निकाय चुनाव : बैठक में कमलनाथ बोले- जैसा बीज बोयेंगे वैसी फसल काटेंगे

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। विधानसभा उपचुनाव (By Election) में करारी शिकस्त झेल चुकी कांग्रेस (Congress)का ध्यान अब नगरीय निकाय चुनावों (Urban Body Elections) की तरफ है। हालाँकि ये चुनाव अभी तीन महीने के लिए टाल दिए गए हैं लेकिन कांग्रेस अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहती इसीलिए पार्टी ने अभी से नगरीय निकाय चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है।  इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamalnath) ने आज अपने निवास पर पार्टी द्वारा नियुक्त प्रदेश के नगर पालिका निगम के प्रभारियों- सहप्रभारियों की बैठक ली ।

बैठक में मौजूद प्रभारियों- सह प्रभारियों को सम्बोधित करते हुए कमलनाथ (Kamalnath)ने कहा कि “आज की राजनीति व समय परिवर्तित हो चुका है, जिसने परिवर्तन को अपना लिया वही सफल। एक समय था जब एक व्यक्ति हजारों मतदाताओं को किसी एक के पक्ष में करने की गारंटी ले लिया करता था। आज तो वह समय है जिसमें एक व्यक्ति अपने घर के व घर के आसपास के वोटों  की भी गारंटी नहीं ले सकता है। कमलनाथ(Kamalnath) ने नगरीय निकाय चुनाव को छोटा चुनाव ना समझें, इसे हल्के में ना लें, इसे बेहद गंभीरता से लें। यह चुनाव विधानसभा चुनाव का आधार है, इस चुनाव से आप जनता से अपने संबंधों को और मजबूत व प्रगाढ़ बना सकते हैं’’

आप जैसा बीज बोयेंगे वैसी फसल काटेंगे

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamalnath) ने बैठक में उपस्थित नगरीय निकाय चुनाव के प्रभारियों-सहप्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में निष्पक्ष तरीके से योग्य उम्मीदवारों का चयन करें और योग्य उम्मीदवारों के नाम प्रदेश कांग्रेस कमेटी को तय समय सीमा में सौपें। कांग्रेस की पैठ वार्ड स्तर व पंचायत स्तर तक है, बस आवश्यकता है अपनी बात को मतदाताओं तक सही ढंग से पहुंचाने की। आप जैसा बीज बोयेंगे वैसी फसल काटेंगे।

घरेलू व राजनीति से दूर रहने वाली, नेताओं की पत्नियों को नहीं मिलेंगे टिकट

महिलाओं के टिकट को लेकर उन्होंने कहा कि इन चुनावों में उन्हीं महिलाओं को टिकट में प्राथमिकता मिलेगी जो समाज में, राजनीति में मैदानी स्तर पर सक्रिय होगीं। घरेलू व राजनीति से दूर रहने वाली, नेताओं की पत्नियों को टिकट नहीं दिए जाएंगे। वार्ड के परिणाम यदि अच्छे होंगे तो महापौर व अध्यक्षों के परिणाम भी अच्छे मिलेंगे। इसलिये हमें वार्ड स्तर तक पार्टी की जीत के लिये कार्य करना है। उम्मीद करता हूं कि आप अच्छे परिणाम लेकर लौटेंगे। आपकी पार्टी के प्रति निष्ठा, समर्पण है, इसलिये आप आज यहां सब काम छोड़कर आये हैं, क्योंकि आपका पार्टी की संस्कृति में विश्वास है।

20 जनवरी को भोपाल में होगा विशाल किसान सम्मेलन   

कमलनाथ (Kamalnath) ने इस मौके पर दिल्ली की सीमा पर पिछले 40 दिन से चल रहे किसान आंदोलन व तीन नए किसान विरोधी कानूनों के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि 20 जनवरी को किसानों के समर्थन में व काले कानूनों के विरोध में भोपाल में बड़ा किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जिसमें बड़ी संख्या मन किसान शामिल होनेग उन्होंने प्रभारियों से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर नये मतदाताओं को जोड़ने एवं मतदाता सूची पुनरीक्षण के काम में भी प्राथमिकता से जुट जाएं। श्री नाथ ने कहा कि हमें ईव्हीएम में गड़बड़ी को लेकर निरंतर शिकायतें मिल रहीं हैं, ईव्हीएम का हम विरोध करते हुए इसको लेकर लड़ाई लड़ेंगे।

किसान आंदोलन में मृत डबरा के किसान को दी श्रद्धांजलि 

बैठक शुरू होने के पहले कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली की सीमा पर पिछले 40 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन में शहीद हुए 60 किसानों व मप्र के डबरा जिले के चीनौर तहसील के शहीद किसान सुरेन्द्र सिंह सिद्दू को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। कांग्रेस ने कहा कि इन किसानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा

खास बात ये रही कि आज की बैठक में बड़ी संख्या में महिलाएं प्रभारी-सह प्रभारी के रूप में शामिल हुई। बैठक में वक्ताओं के रूप में महिलाओं को ही आज बोलने का अवसर दिया गया।   बैठक में प्रदेश पूर्व अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा, जीतू पटवारी, कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत, सुरेन्द्र चौधरी, उपाध्यक्ष प्रकाश जैन, मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सिंह सलूजा, मांडवी चौहान, सेवादल अध्यक्ष ठाकुर रजनीश सिंह, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष दिनेश गुर्जर आदि उपस्थित थे।  बैठक का संचालन प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने किया और महामंत्री राजीव सिंह ने आभार माना।


 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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