पूर्वमंत्री का आरोप..”महाराज” के कहने पर होते थे कांग्रेस में फैसले

पूर्वमंत्री का आरोप..”महाराज” के कहने पर होते थे कांग्रेस में फैसले

भोपाल।

उपचुनाव(by-line) से पहले और लॉकडाउन(lockdown) के बीच मध्यप्रदेश(madhyapradesh) में सियासी हमले तेज़ हैं। दोनों पार्टियां(parties) एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप की राजनीति(politics) क़र रही है। इसी बीच अब पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल(kamleshwar patel) ने ज्योतिरादित्य सिंधिया(jyotiraditya scindia) पर बड़ा हमला बोला है। पूर्व मंत्री ने कहा है कि कांग्रेस(congress) राज में ज्योतिरादित्य सिंधिया की पसंद से ही आईजी(IG), कमिश्नर(commissioner), कलेक्टर(collector) की पोस्टिंग(posting) होती थी। वहीँ उन्होंने कहा है कि सिंधिया सम्मान के लिए नहीं प्रलोभन और लालच में बीजेपी(BJP) में गए हैं।

दरअसल मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल ने जुबानी हमला तेज़ किया है। सिंधिया पर बड़ा आरोप लगते हुए पूर्वमंत्री ने कहा है कि कांग्रेस सरकार के समय सिंधिया अपने पसंद से पोस्टिंग(posting) कराते थे। वो खुद ही अपने ट्रस्ट(trust) की ज़मीन का आवंटन भी अपने हिसाब से करवाते थे। वहीँ अपने जिलों में पसंदीदा अफसरों की पोस्टिंग भी कई बार उन्होंने खुद करवाई है। पूर्वमंत्री पटेल ने ये भी कहा कि कांग्रेस सरकार में काम नहीं होने का सिंधिया का आरोप सरासर गलत है। कर्जमाफी, भूमिपूजन के कार्यक्रमों में भी सिंधिया और उनके मंत्री जाते थे। हमारे पास रिकॉर्ड है कि सिंधिया खेमे के लिए कांग्रेस में क्या-क्या काम हुए। कमलेश्वर पटेल ने सिंधिया को निशाने पर लेते हुए ये भी कहा कि सिंधिया को राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री बनने की जल्दी थी। सिंधिया सम्मान के लिए नहीं प्रलोभन और लालच में बीजेपी में गए हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस से नाराज चल रहे सिंधिया ने मार्च माह में मंगलवार 11 मार्च को इस्तीफा दिया था। जिसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक कांग्रेस पार्टी के 22 विधायकों ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। मध्य प्रदेश कांग्रेस के इन बागी विधायकों ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे।कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीडिया से बातचीत में इसकी जानकारी दी थी। जिसके बाद प्रदेश में कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गयी और उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।

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