
सीबीएसई 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा (CBSE Board Exam 2025) जल्द शुरू होने वाली है। कक्षा 12वीं में ज्यादातर छात्र फिजिकल एजुकेशन को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनते हैं। इस विषय को मार्क्स स्कोरिंग माना जाता है। थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अच्छा परफॉर्म करना पड़ता है।
फिजिकल एजुकेशन के अंक बोर्ड परीक्षा के अंक पर असर डालते हैं। इस विषय में 100% अंक प्राप्त करने के लिए सही स्ट्रेटजी की जानकारी होनी चाहिए। कई छात्रों को यह विषय मुश्किल लगता है। इस साल सीबीएसई कक्षा 12वीं फिजिकल एजुकेशन विषय की परीक्षा 17 फरवरी 2025 को आयोजित की जाएगी। यहाँ कुछ टिप्स बताए गए हैं, जिसे फॉलो करने स्टूडेंट्स परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं-
तैयारी के दौरान करें ये काम
- सबसे पहले छात्र फिजिकल एजुकेशन के सिलेबस को समझें। मार्क्स वैटेज डिस्ट्रब्यूशन के साथ महत्वपूर्ण टॉपिक पर ध्यान दें। किसी भी टॉपिक के कांसेप्ट को समझें।
- किसी विषय में अच्छा स्कोर प्राप्त करने के लिए परीक्षा पैटर्न को समझना जरूरी होता है। इसमें आपकी मदद सैंपल पेपर या पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र करते हैं। इससे कक्षा 12वीं फिजिकल एजुकेशन के पिछले वर्षों में रिपीट हुए प्रश्नों की जानकारी भी प्राप्त होगी। सीबीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध सैंपल पेपर सॉल्व कर सकते हैं।
- इस विषय में अच्छा परफॉर्म करने के लिए अच्छे से रिवीजन जरूर करें। महत्वपूर्ण प्रश्नों को समझें और अपने नोट्स तैयार करें। सभी चैप्टर की समरी तैयार रखें। इससे आपको रिवीजन करने में मदद मिलेगी।
परीक्षा के दिन जरूर करें ये काम
- फिजिकल एजुकेशन का पेपर लिखते समय टाइम मैनेजमेंट का ख्याल रखें। MCQ, शॉर्ट और लॉंग सभी प्रश्नों के उत्तर निर्धारित समय के भीतर लिखें। रिवीजन का समय जरूर निकालें।
- उत्तर को सही फॉर्मेट में लिखें। प्रेजेंटेशन पर खास ख्याल रखें। जहां जरूरत पड़े वहां डायग्राम बनाएं।
- प्रश्न पत्र मिलने से पहले इसे अच्छे से पढ़ें। अपने दिमाग में उत्तर को फ्रेम करें। उसके बाद ही उत्तर पुस्तिका पर लिखें।
- हैंडराइटिंग का खास ख्याल रखें। कॉपी साफ-सुथरी होनी चाहिए। कॉपी जमा करने से पहले इसे एक बार चेक जरूर करें
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है।
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