14 सितंबर को UPSC CDS 2 और NDA परीक्षा, अभ्यर्थी न करें ये गलतियाँ 

यूपीएससी सीडीएस 2 और एनडीए-2 परीक्षा एक ही दिन होने वाली है। एडमिट कार्ड के साथ गाइडलाइंस भी जारी हो चुकी है। उम्मीदवारों को कुछ बातों का खास ख्याल रखना होगा। आइए जानें क्या करें और क्या नहीं?
UPSC CSE 2026

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) 14 अगस्त को सीडीएस-2 और एनडीए/एनए-2 परीक्षा का आयोजन करने जा रहा है। दोनों ही एग्जाम के लिए एडमिट कार्ड उपलब्ध हो चुके हैं। जिसे  उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट https://upsc.gov.in/ पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र में दिये गए दिशा निर्देशों को अच्छे से पढ़ने की सलाह अभ्यर्थियों को दी जाती है। परीक्षा के दिन नियमों का उल्लंघन होने आपको नुकसान हो सकता है।

यूपीएससी सीडीएस (UPSC CDS 2) और एनडीए (NDA NA 2) दोनों परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी अनिवार्य है। इसके बिना एग्जामिनेशन हॉल में एंट्री नहीं मिलेगी। उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र के साथ-साथ फोटो पहचान पत्र लाने की सलाह भी दी जाती है। ध्यान रखें कि एडमिट कार्ड और आईडी प्रूफ की जानकारी मिलनी चाहिए।

क्या है ड्रेस कोड?

आयोग द्वारा कैंडिडेट्स के लिए किसी प्रकार का ड्रेस कोड निर्धारित नहीं किया गया है। लेकिन उम्मीदवारों को परीक्षा के दिन सिंपल, हल्के और आरामदायक कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है। फुल स्लीव शर्ट और मेटल वाले कपड़े धारण न करें। गहने बैज, स्मार्ट वॉच, चश्मा, टोपी इत्यादि पहनने की गलती न करें। जूते के जगह सैंडल या चप्पल पहन सकते हैं।

जरूर रखें इन बातों का ख्याल 

  • उम्मीदवार परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड में दिए गए रिपोर्टिंग टाइम पर ही पहुँचें। एक घंटे पहले एग्जाम सेंटर पहुँचने की सलाह दी जाती है। एंट्री गेट बंद करने के बाद उम्मीदवारों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
  • एग्जामिनेशन हॉल में प्रतिबंधित चीजों को भूलकर भी न ले जाएं। एडमिट कार्ड, आईडी प्रूफ और ब्लैक बॉल प्वाइंट पेन के साथ प्रवेश की अनुमति होगी। मोबाइल फोन, कैलकुलेटर ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य डिजिटल कम्युनिकेशन गैजेट पर प्रतिबंध होगा।
  • एग्जामिनेशन हॉल में घुसते ही अपने निर्धारित सीट पर ही बैठे। परीक्षक द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
  • ओएमआर शीट को सावधानीपूर्वक भरें। केवल ब्लैक बॉल पॉइंट का ही इस्तेमाल करें। रोल नंबर में को अच्छे से भरें।
  • इरेज़र व्हाइटनर जैसे चीजों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। एक बार ओएमआर शीट भरने के बाद इसमें कोई बदलाव की अनुमति भी नहीं होगी।
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews