
OLD PENSION SCHEME : हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों पेंशनरों के लिए खुशखबरी है। राज्य में एक बार फिर पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी गई है। कैबिनेट बैठक के फैसले के बाद अब प्रदेश की सुखविंदर सुख्खू सरकार ने इस संबंध में सोमवार को अधिसूचना जारी कर दी है।इसका लाभ प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारियो-पेंशनरों को मिलेगा और 1 अप्रैल से नेशनल पेंशन सिस्टम का भी शेयर नहीं कटेगा।
ओपीएस बहाली की अधिसूचना जारी
छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड और पंजाब के बाद अब हिमाचल प्रदेश में 1 अप्रैल से पुरानी पेंशन योजना लाग कर दी गई है।सोमवार को वित्त विभाग ने सीसीएस पेंशन नियम 1972 के तहत पुरानी पेंशन बहाल करने की अधिसूचना जारी कर दी है। वही एक अप्रैल से कर्मियों के एनपीएस शेयर में कटौती नहीं करने के आदेश विभागाध्यक्षों को दिए हैं। अब अप्रैल माह के वेतन से मई में होने वाली कटौती नहीं होगी। अब जल्द ही पुरानी पेंशन बहाली की एसओपी जारी होगी। कर्मचारियों से दोनों पेंशन में से एक को चुनने के लिए विकल्प मांगे जाएंगे।
अप्रैल से NPS शेयर में कटौती बंद
मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना के तहत पुरानी पेंशन योजना के कार्यान्वयन के लिए कैबिनेट के फैसले के अनुसार, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत आने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों (कर्मचारियों और नियोक्ताओं का हिस्सा) के योगदान को 1 अप्रैल, 2023 से रोक दिया जाएगा। कर्मियों से ओपीएस में शामिल होने अथवा एनपीएस में ही रहने का विकल्प पूछा जाएगा। इसके बाद ओपीएस को चुनने वाले कर्मियों के महालेखाकार कार्यालय में जीपीएफ खाते खोले जाएंगे।एनपीएस में प्रतिमाह 10 प्रतिशत शेयर कर्मचारी और 14 फीसदी सरकार की ओर से दिया जाता था।
इन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
इस फैसले से सेवारत और सेवानिवृत्त दोनों कर्मचारियों को लाभ होगा और 20 साल या उससे अधिक की सेवा वाले कर्मचारियों को मूल वेतन का 50 प्रतिशत और पेंशन के रूप में डीए मिलेगा। जनवरी 2004 से OPS बंद कर दिया गया था और 1 जनवरी 2004 के बाद सेवा में शामिल होने वाले कर्मचारियों को एनपीएस के तहत कवर किया गया था। NPS के दायरे में आने वाले 1.36 लाख कर्मचारी OPS से लाभांवित होंगे। अब हर महीने होने वाली पीएफआरडीए को जाने वाली 136 करोड़ की धनराशि पेंशन निधि के तहत नहीं जाएगी।

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