Ladli Behna Yojana 2025: 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए गुड न्यूज, सीएम आज जारी करेंगे 29वीं किस्त, खाते में आएँगे इतने रूपए

मोहन यादव सरकार ने ऐलान किया है दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1250 रूपए की जगह 1500 रुपए प्रतिमाह देंगे।अगले तीन साल में 2028 तक 3000 रुपए बहनों के खाते में भेजने का लक्ष्य है।
ladli behna yojana

Ladli behna Yojana 2025 : 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी है। 29वीं किस्त पर अपडेट आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रविवार 12 अक्टूबर को श्योपुर जिले से प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 26 लाख 86 हजार लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 29वीं किस्त 1541 करोड की राशि का अंतरण करेंगे।इसके अलावा 98.87 करोड़ के विकास कार्यो का लोकार्पण करेंगे तथा 460.40 करोड़ के निर्माण तथा विकास कार्यो का शिलान्यास करेंगे।बता दे कि इससे पहले सितंबर में 12 सितंबर को 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 28वीं किश्त के लिए 1541 करोड़ और 31 लाख से अधिक बहनों को एलपीजी सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 48 करोड़ जारी कर किए गए थे ।योजना की शुरुआत के बाद से अब तक 41 हजार करोड़ की राशि लाड़ली बहनों को दी जा चुकी है।

भाईदूज से खाते में आएँगे 1250 की जगह 1500 रुपए प्रति माह

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाभार्थी बहनों को भाईदूज से 250 रुपए बढ़ाकर 1250 रुपये की जगह सीधे 1500 रुपये ट्रांसफर करने का ऐलान किया है। इससे सरकार पर 318 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा। इसका लाभ नवंबर महीने में मिलने वाली किस्त के साथ दिया जाएगा, क्योंकि 20-21 अक्टूबर को दिवाली है और 23 अक्टूबर को भाईदूज है, ऐसे में अक्टूबर की बजाय नंवबर की किस्त में बढ़ी हुई राशि का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा है कि हमारा संकल्प है कि धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह कर देंगे। अगले तीन साल में 2028 तक 3000 रुपए बहनों के खाते में भेजने का लक्ष्य है।

वर्तमान में लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250 रू

  • लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।
  • इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।
  • इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।
  • लाड़ली बहनों को जून 2023 से अगस्त 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 27 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 41 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है। इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया।

लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र

  • महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।
  • अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।
  • जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो।

लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम

  • लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।
  • वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर
    क्लिक करें।
  • दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।
  • कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।
  • मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।
  • ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews