लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा: पीएम मोदी ने बताया राष्ट्रीय चेतना का मंत्र, कांग्रेस का सवाल “क्या हम संसद में प्राचीन इतिहास पढ़ने आए हैं”

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरक शक्ति रहा और गुलामी से लेकर लोकतंत्र की पुनर्स्थापना तक राष्ट्र का मार्गदर्शन करता रहा। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने अतीत में वंदे मातरम् के साथ अन्याय किया और मुस्लिम लीग के सामने झुक गई। वहीं, कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने सवाल उठाया कि क्या संसद का समय प्राचीन इतिहास की बहस में लगाया जाना चाहिए, जब देश तत्कालीन जनसमस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् और आनंदमठ का इतिहास सभी जानते हैं, लेकिन इससे न प्रदूषण कम होगा, न वनों की कटाई रुकेगी, न यात्रियों को हवाईअड्डों पर हो रही परेशानी का समाधान मिलेगा।
Vande Mataram Debate Lok Sabha

PM Modi

वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा में विशेष चर्चा शुरू हुई। इस चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की और सदन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर विचार व्यक्त किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ ने स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरणा दी और यह गीत देश की शक्ति चेतना का प्रवाह है। उन्होंने इस गीत की प्रेरक भूमिका और आजादी के संघर्ष में इसके योगदान को रेखांकित किया।

वहीं, कांग्रेस का कहना है कि सदन में जनसरोकारों के मुद्दों पर चर्चा आवश्यक है और ये मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे हमेशा से राष्ट्रीय गीत का सम्मान करते आए हैं। सेवादल का कार्यक्रम ही वंदे मातरम् से शुरु होता है, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन भी वंदे मातरम् से ही शुरु होता है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि इसे गाने से अधिक निभाने की आवश्यकता है। हमें देखना होगा कि आज देश में सामाजिक न्याय की क्या स्थिति है। वहीं, कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने सवाल किया कि क्या हम संसद में प्राचीन इतिहास पढ़ने आए हैं। अगर इससे जनसमस्याएं समाप्त होती है तो ज़रूर ऐसा कीजिए। उन्होंने कहा कि ये सरकार का मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है।

पीएम मोदी ने कहा ‘कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेक दिए’

लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा की शुरआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये सिर्फ एक गीत नहीं है, यह मंत्र है जिसने देश को त्याग, तपस्या और बलिदान का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि आज वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होना उस खोई हुई राष्ट्रीय चेतना और आत्मगौरव को फिर से स्थापित करने का अवसर है। प्रधानमंत्री ने कहा “यह गीत राष्ट्र को जोड़ने वाली वह शक्ति है जिसने गुलामी से लेकर आजादी और फिर लोकतंत्र की पुनर्स्थापना तक देश का मार्गदर्शन किया।

कांग्रेस को घेरते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वंदे मातरम् के महत्व के साथ समझौता किया और मुस्लिम लीग के तर्कों का पर्याप्त जवाब नहीं दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना ने लखनऊ से 15 अक्टूबर 1937 को वंदे मातरम् के विरुद्ध नारा बुलंद किया। फिर कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू ने मुस्लिम लीग के आधारहीन बयानों को करारा जवाब देने, निंदा करने की बजाय उल्टा वंदे मातरम् की पड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेक दिए।

कांग्रेस का पलटवार, कहा ‘मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश’

वहीं, कांग्रेस ने सांसदों ने सरकार पर आरोप लगाए कि संसद में “‘वंदे मातरम’ की बहस का उपयोग मौजूदा मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने पूछा कि क्या हम संसद में प्राचीन इतिहास पढ़ने आए हैं। उन्होंने कहा “इस इतिहास को पढ़ने से अलग प्रदूषण कम होता है तो पढ़ाइए। इससे अलग वनों की कटाई पर रोक लगती है तो पढ़ाइए। आज लोग एयरपोर्ट पर अड़तालीस घंटे इंतज़ार कर रहे हैं। उन्हें दूसरी एयरलाइंस में चार गुना पैसे देकर टिकट लेनी पड़ रही है।  क्या प्रधानमंत्री के भाषण से इन समस्याओं का समाधान हो रहा है। ये सिर्फ मुद्दों को भटकाने का प्रयास है।” कांग्रेस सांसद ने कहा कि वंदे मातरम हमने भी पढ़ा है..आनंद मठ हमने भी पढ़ा है..किस तरह लोग क्रांति कर रहे थे ये हमने भी पढ़ा है। लेकिन उसका राजनीतिक लाभ लेने के लिए बीजेपी एक पार्टी पर दोषारोपण कर रही है और जनहित के मुद्दों दूर भाग रही है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि ये चर्चा आगामी चुनावों में लाभ लेने के लिए की जा रही है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews