विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में, जानिए कांग्रेस और बीजेपी का रिएक्शन

संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। उसका आरोप है कि स्पीकर ने नियमों का हवाला देकर एकतरफा रवैया अपनाया और विपक्ष की आवाज दबाई गई। कांग्रेस सांसदों ने इसे संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन बताया है।
Lok Sabha speaker Om Birla

संसद के बजट सत्र में जारी तनाव के बीच विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दल स्पीकर की टिप्पणियों और सदन में पक्षपातपूर्ण व्यवहार से बेहद नाराज हैं जिसके चलते यह कदम उठाया जा रहा है।

गौरतलब है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण से जुड़ा हंगामा अब भी थमा नहीं है। लोकसभा में राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान बोलने की अनुमति नहीं दी गई थी, क्योंकि वे पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब से उद्धरण पढ़ना चाहते थे। स्पीकर ने इसे “अप्रकाशित दस्तावेज” बताकर उन्हें रोक दिया जिसके बाद विपक्ष ने भारी हंगामा किया, कागज फाड़े और सदन में उबाल आ गया।

विपक्ष लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में

विपक्षी दल लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की रणनीति बना रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि संसदीय कार्यवाही के दौरान उन्हें बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की अनुमति रोकी गई। इसकी पृष्ठभूमि में राहुल गांधी का वह भाषण है जो राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान नहीं हो सका। लोकसभा स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद सदन में भारी हंगामा हुआ और कार्यवाही बाधित हुई। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने स्पीकर पर एकतरफा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कांग्रेस के उपनेता मनिकम टैगोर ने कहा कि विपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष को खुली छूट है जो संसदीय लोकतंत्र की भावना के विपरीत है।

कांग्रेस सांसदों ने लगाया पक्षपात का आरोप 

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि मुद्दा अब लोकसभा या राज्यसभा का नहीं बल्कि सदन की गरिमा का है। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ‘क्या आपने पहले कभी सुना है कि संसद में प्रधानमंत्री को महिला सांसदों से डर है। यह शर्मनाक नहीं है क्या।? कौनसी रिपोर्ट है इसका स्पीकर को खुलासा करना चाहिए। आपको पहलगाम हमले की रिपोर्ट नहीं मिली, दिल्ली बम ब्लास्ट, पुलवामा की रिपोर्ट नहीं मिली। और आप कह रहे हैं कि संसद के भीतर पीएम को महिला सांसदों से खतरा है। निश्चित तौर पर अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहिए।’

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने इस मुद्दे पर कहा है कि पूरा देश इस बात को लेकर चिंतित है कि जो यूएस डील हुई है उससे सबका नुकसान होगा। जिसको मेक इन इंडिया का सपना दिखाया उनका भी नुकसान है। राहुल गांधी इन मुद्दों पर बात करना चाहते हैं लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। निशिकांत दुबे ने सदन में इतनी अश्लील भाषा इस्तेमाल की लेकिन स्पीकर ने उन्हें तो नहीं रोका। कांग्रेस सांसद ने कहा कि राहुल गांधी को न बोलने देना सिर्फ विपक्ष के नेता नहीं बल्कि पूरे देश की आवाज़ को दबाना है। उन्होंने कहा कि हम समझौता नहीं करने वाले हैं..देश की प्रतिष्ठा को लेकर कांग्रेस कभी भी समझौता नहीं करेगी।

बीजेपी का पलटवार

वहीं इस मुद्दे पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष नियमों के खिलाफ जा रहा है। एएनआई से बात करते हुए भाजपा सासंद कमलजीत सहरावत ने कहा कि लोकसभा स्पीकर लगातार नियम के तहत बात रखने के लिए विपक्ष के नेता को और सभी को कह रहे हैं। वो इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सत्य सत्य रहता है..वो कोई भी प्रस्ताव लाए उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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