रीवा रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में MP को मिले 31 हज़ार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव, सीएम डॉ. मोहन यादव ने की बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में हम निवेशकों और उद्योगपतियों को हर तरह की सहायता मुहैया कराने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा किर हमारा प्रयास प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ाना है और यदि कोई बड़ी इंडस्ट्री प्रदेश में बड़ा प्रोजेक्ट लाना चाहती है, जो हमारी वर्तमान पॉलिसियों की  सीमाओं से बाहर भी हों, तो हम कैबिनेट के माध्यम से उन्हें भी लाभ प्रदान करेंगे। सीएम ने कहा कि औद्योगिक निवेश को बढ़ाने के लिए हम रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव जैसे आयोजन लगातार करते रहेंगे।
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5th Regional Industry Conclave Rewa : बुधवार को रीवा में 5वें आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ। यहां उद्योगपतियों और निवेशकों ने मध्य प्रदेश में 31 हज़ार करोड़ से ज्यादा के निवेश का प्रस्ताव दिया है। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के जरिए 2690 करोड़ से अधिक लागत की 21 इकाइयों का लोकार्पण व भूमिपूजन भी किया। इनके माध्यम से 1830 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पर्टयन विभाग के न्यूज लेटर “Ofbeat Madhya Pradesh” का विमोचन किया गया। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं भी की।

इस अवसर पर सीएम मोहन यादव ने प्रदेश की 85 औद्योगिक इकाइयों को 146 एकड़ भूमि आवंटन के आशय पत्र वितरित किए। इन औद्योगिक इकाइयों में लगभग 918 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है जिससे 3350 में अधिक रोजगार सृजित होंगे। इस दौरान औद्योगिक जल आपूर्ति हेतु MPIDC एवं नगर निगम रीवा के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और एकेएस यूनिवर्सिटी सतना के बीच भी समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। इस एमओयू का उद्देश्य रीवा, सतना क्षेत्र में पर्यटन के क्षेत्र का विकास, प्रशिक्षण देना, रोजगार एवं स्व रोजगार उपलब्ध कराना है।

MP में 31 हज़ार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए

रीवा में आयोजित 5वें आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 31 हज़ार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए हैं जिससे 28 हज़ार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस कॉनक्लेव में मध्य प्रदेश के अलावा दस से ज्यादा राज्यों के निवेशकों ने सहभागिता की। 300 से अधिक buyer seller मीटिंग हुई। 150 से अधिक अतिविशिष्ट बिज़नेस अतिथियों ने भागीदारी की। उद्योंगपतियों ने मध्य प्रदेश के अपने अनुभव साझा किए और यहां की औद्योगिक नीति की प्रशंसा भी की। 20 से अधिक उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ मुख्यमंत्री ने वन टू वन मीटिंग की। पतंजलि ग्रुप ने 1000 करोड़ से अधिक ने निवेश की इच्छा जताई है। इसी के साथ वो उज्जैन में वेलनेस सेंटर भी खोलने जा रहे हैं। डालमिया ग्रुप ने सीमेंट फैक्ट्री की घोषणा की है जिसमें 3000 करोड़ से अधिक का निवेश होगा। इसकी विशेषता यह होगी कि यह प्लांट 100 % नवीकरणीय ऊर्जा से चलने वाला देश का पहला प्लांट होगा। इसी के साथ उन्होंने मध्य प्रदेश में दीक्षा सेंटर स्थापित कर स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी कार्य करने की इच्छा भी जताई है। रामा ग्रुप ने फर्नीचर सेक्टर में 500 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इसी के साथ कई अन्य उद्योगपतियों और निवेशकों ने भी एमपी में निवेश के प्रस्ताव दिए हैं।

CM डॉ. मोहन यादव ने की ये बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5वें रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में के विभिन्न जिलों में औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया और उद्योग स्थापित करने वाले उद्योगपतियों एवं निवेशकों से वर्चुअल संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं भी की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रीवा के अलावा सिंगरौली और कटनी में भी कंटेनर डिपो बनाए जाएंगे। मल्टी मोरल लॉजिस्टिक पार्क का भी निर्माण होगा। सीएम ने कहा कि एमएसएमई का नया इंडस्ट्रियल एरिया डेवलप करेंगे। रीवा और सतना में स्थापित औद्योगिक क्षेत्र के अलावा नवीन औद्योगिक क्षेत्र भी स्थापित होगा। वैधन में जल आपूर्ति के लिए 84 लाख की नई योजना का क्रियान्वयन होगा। हम टूरिज्म में हेल्थ टूरिज्म भी डेवलप करेंगे। संजय दुबरी नेशनल पार्क में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पर्यटन व्यवस्था विकसित की जाएगी। विंध्य में बड़े होटल और रिसॉर्ट भी खोले जाएंगे।’

उद्योगों में काम करने वाली महिलाओं को मिलेगी 5000 प्रोत्साहन राशि

इस पांचवें रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में किसी बात की कमी नहीं है। हमारा प्रयास प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ाना है और यदि कोई बड़ी इंडस्ट्री प्रदेश में बड़ा प्रोजेक्ट लाना चाहती है, जो हमारी वर्तमान पॉलिसियों की  सीमाओं से बाहर भी हों, तो हम कैबिनेट के माध्यम से उन्हें भी लाभ प्रदान करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ‘हमारी बहनें इंडस्ट्री में काम करें, उन्हें प्रदेश सरकार काम के आधार पर हर बहन को प्रति महीने ₹5,000 प्रोत्साहन राशि देगी। प्रत्येक व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है’।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ाने के लिए हम रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव जैसे आयोजन लगातार करते रहेंगे। आज के समय में विंध्य देशभर में नई पहचान बना रहा है और देश के कई बड़े निवेशकों ने निवेश करने के लिए अपनी इच्छा जताई है और सरकार उन्हें हरसंभव सहायता करने के लिए तत्पर है। मध्यप्रदेश में हर क्षेत्र में भरपूर प्राकृतिक संसाधन है, यहां पराली और कचरे जैसे अवशिष्ट का उपयोग करके भी कमाई और रोजगार के अवसर देने के लिए उद्योगपति तैयार हैं।

उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ मुख्यमंत्री की वन टू वन चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 20 से अधिक उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ वन टू वन चर्चा की। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में रिलायंस बायो एनर्जी के बिजनेस हेड हरींद्र के. त्रिपाठी के साथ निवेश के संबंध में वन-टू-वन चर्चा हुई। स्टार ग्रुप के चेयरमैन रमेश सिंह से ऑटोमोबाइल के क्षेत्र को लेकर, आदित्य बिड़ला ग्रुप के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट, कॉर्पोरेट अफेयर्स (मप्र-छग) संदीप जैन के साथ वन-टू-वन चर्चा की गई। वहीं एस गोयनका ग्रुप के एमडी आनंद गोयनका के साथ, डालमिया सीमेंट के एमडी पुनीत डालमिया के साथ सीमेंट के सेक्टर में निवेश को लेकर बीपीसीएल ग्रुप के जनरल मैनेजर डिस्ट्रीब्यूशन (रीटेल) कपिल राजोरिया के साथ पेट्रो-केमिकल के क्षेत्र में, मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में rama ply के मैनेजिंग डायरेक्टर नरेश गोयल के साथ और अन्य कई निवेशकों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन-टू-वन चर्चा की।

पतंजलि ग्रुप उज्जैन में बनाएगा योग और आयुर्वेद वेलनेस सेंटर 

पतंजलि ग्रुप के एम.डी. और पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के सह-संस्थापक आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। कला, संस्कृति और परंपरा की यह भूमि है। पतंजलि के माध्यम से हम यहां कई क्षेत्रों में काम करने वाले हैं। पतंजलि का मंत्र है कि हम देश को बाजार नहीं परिवार समझकर कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मध्य प्रदेश के शरबती गेहूं की देश भर में एक अलग ही पहचान है। एमपी में जब कृषि क्रांति हुई तो गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन यहां की पहचान बन गया है। किसानों की आय को दोगुना करने के लिए पतंजलि ग्रुप गेहूं की खरीदी भी करेगा। लोगों को शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य सब प्राप्त हो, उसके लिए भी उज्जैन में पतंजलि का बेहतरीन योग, आयुर्वेद वेलनेस सेंटर बनाएंगे।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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