तहसील कार्यालय में शासकीय दस्तावेज चोरी करते पकड़ा प्राइवेट ‘क्लर्क’, जांच के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला

चोरी की इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि यदि प्राइवेट तौर पर कार्य करने वाल व्यक्ति शासकीय दस्तावेजों में छेड़छाड़ करते हैं, चोरी करते हैं तो इसकी जिम्मेदारी और जवाबदेही किसकी होगी?
Private 'clerk' caught stealing official documents at tehsil office

ग्वालियर के एक सरकारी कार्यालय में एक ऐसी चोरी का मामला सामने आया है जिसमें सरकारी दफ्तरों में प्राइवेट कर्मचारियों की बेख़ौफ़ दखल की कहानी उजागर हुई है, चोरी करते प्राइवेट क्लर्क के पकड़े जाने के बाद शिकायत के आधार पर जांच हुई जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है

चोरी की ये घटना ग्वालियर जिले के भितरवार तहसील कार्यालय की है जहाँ प्राइवेट क्लर्क के तौर पर काम करने वाले प्रेम नारायण दुबे ने शासकीय दस्तावेज खतौनी चोरी कर अपने बैग में रख ली और ले जाने लगा लेकिन वहां पदस्थ प्रधान प्रतिलिपिकार अचानक वहां पहुंच गए और संदेह होने पर  दुबे के बैग कीतलाशी ली जिसमें से खतौनी बरामद हुई

पूरी घटना 9 अक्टूबर की है, शाम करीब 6 बजे जब तहसील कार्यालय की नकल रिकॉर्ड शाखा बंद की जा रही थी, तब प्रधान प्रतिलिपिकार सुनील चंद्रवंशी ने वहां कार्य कर रहे प्रेम नारायण दुबे की हरकतों पर कुछ शक हुआ उन्होंने उसे टोका तो वो सहम गया, उन्होंने रोक कर दुबे के बैग की तलाशी ली तो उसमें ग्राम दुबहा की मूल खतौनी बरामद हुई जिसे वो चोरी कर ले जा रहा था, जब उससे खतौनी बैग में रखने का कारण पूछा तो वो उसका जवाब नहीं दे पाया।

आरोपी ने खतौनी निकालकर अपने बैग में छुपा ली 

चंद्रवंशी ने घटना की जानकारी तुरंत नायब तहसीलदार वृत्त सांखनी महाराज सिंह सगर को दी घटना की गंभीरता को देखते हुए सागर ने इसकी जाँच कराई और जांच में शासकीय दस्तावेज चोरी की घटना सही निकली, कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में प्रेम नारायण दुबे सरकारी दस्तावेजों के बंडल उठता दिखाई दे रहा है फिर उसमें से कुछ दस्तावेज निकालकर अपने बैग में रखता दिखाई दे रहा है जो खतौनी है।

जाँच के बाद पुलिस में शिकायत, मामला दर्ज 

शासकीय दस्तावेजों की चोरी की घटना से नायब तहसीलदार ने तहसीलदार और कलेक्टर रुचिका चौहान को इसकी जानकरी दी जिसके बाद पुलिस ने आरोपी प्रेम नारायण दुबे पुत्र सुरेशचंद्र दुबे, निवासी ग्राम सांखनी के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच में ले लिया है। इस मामले में भितरवार एसडीएम राजीव समाधिया ने कहा कि शासकीय दस्तावेजों की चोरी करने के मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कराया है। रिकॉर्ड का भी मिलान किया जा रहा है कि उसमें भी तो कोई छेड़छाड़ नहीं की गई।

शासकीय कार्यालयों में काम करते हैं प्राइवेट क्लर्क 

इस घटना एक बाद इस बात की पुष्टि हो गई है ग्वालियर जिले के कुछ शासकीय कार्यालयों में प्राइवेट व्यक्ति बेख़ौफ़ काम कर रहे हैं और उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, वे लंबे समय से काम करने के कारण अनुभवी हो गए हैं इसलिए अफसरों को भी उनकी जरुरत महसूस होती है लेकिन अब चोरी की इस घटना के बाद बड़ा सवाल ये है कि क्या इन प्राइवेट व्यक्तियों से काम लेने वाले अफसरों पर क्या कोई एक्शन लिया जायेगा?

20 साल से बिना वैध नियुक्ति तहसील में कर रहा है काम 

आरोपी प्रेम नारायण दुबे के बारे में ये जानकारी सामने आई है कि वो करीब 20 वर्षों से तहसील कार्यालय में बतौर प्राइवेट क्लर्क काम कर रहा है उसे एक नियमित शासकीय क्लर्ककी ही तरह लोग समझते हैं, उसे तहसील के हर काम की पूरी जानकारी है कहा जाता है कि वो तहसीलदार के बंगले पर रहता है और नकल शाखा में नकल बनाने का कार्य भी करता है। चोरी की घटना के बाद लोग चर्चा कर रहे हैं कि इस बार तो ये पकड़ा गया लेकिन पिछले वर्षों में मालूम नहीं दुबे के कितने शासकीय दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की होगी या चोरी की होगी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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