Ladli Laxmi Utsav : हर साल बड़े स्तर पर मनाया जाएगा लाड़ली लक्ष्मी दिवस, CM Shivraj ने की कई बड़ी घोषणाएं

Ladli Laxmi Utsav : हर साल बड़े स्तर पर मनाया जाएगा लाड़ली लक्ष्मी दिवस, CM Shivraj ने की कई बड़ी घोषणाएं

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में अब हर साल ग्राम पंचायत, विकासखंड, जनपद और जिला स्तर पर लाड़ली लक्ष्मी दिवस मनाया जाएगी। ये घोषणा सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने आज आयोजित ‘लाड़ली लक्ष्मी उत्सव’ (Ladli Laxmi Utsav) के दौरान की। इसी के साथ उन्होने कहा कि ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0’ के अंतर्गत हम बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएंगे। इसके लिए उन्होने बेटियों से सुझाव भी मांगे हैं। साथ ही कहा कि सरकार ने तय किया है कि ऐसी बेटियां जिन्हें कहीं कोई छोड़ गया या जिनका कोई नहीं है, उन्हें भी लाड़ली लक्ष्मी माना जाएगा और लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि हमने लाड़ली लक्ष्मी कानून बना दिया है,जिसे कोई नहीं बदल पाएगा और आपका भविष्य उज्जवल रहेगा। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आज सिंगल क्लिक के माध्यम से ‘लाड़ली लक्ष्मी उत्सव’ के अंतर्गत प्रदेश की 21,550 लाड़लियों के खातों में 5.99 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति का अंतरण किया। ‘लाड़ली लक्ष्मी उत्सव’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आध्यात्मिक गुरू आनंदमूर्ति गुरु मां सम्मिलित हुईं और उन्होने संबोधित करते हुए कहा कि आज नवमीं का दिन है और मैं हर बेटी को ये कहना चाहती हूं कि वो यह समझे कि वो शक्ति स्वरूपा हैं।

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इस भव्य कार्यक्रम में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बेटियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना की हमारी बेटियां कॉलेज में एडमिशन लेंगी, तो 25 हजार रूपये अलग से दिये जायेंगे। सीएम ने कहा कि  आज मुझे कहते हुए खुशी है कि हमने लाड़लियों के कल्याण के लिए 47 हजार 200 करोड़ रुपए सुरक्षित रख दिए हैं, जो समय-समय पर इन्हें मिलना है। भाव यही था कि बेटियां बोझ न बनें, वरदान बन जाएं। यह केवल योजना नहीं है, समाज की दृष्टि बदलने का प्रयास है। इसी के साथ सीएम ने लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0’ को बेहतर बनाने के लिए http://mp.mygov.in पर सुझाव भी मांगे हैं।

राजधानी में आयोजित ‘लाडली लक्ष्मी उत्सव’ कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या पूजन से हुआ। इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरु, कवयित्री और प्रखर वक्ता आनंदमूर्ति गुरु मां की प्रदेश की 21,550 लाड़लियों को 5.99 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का अंतरण किया गया। सीएम शिवराज ने कहा कि “मैं मानता हूं कि मेरी बेटियों में देवी माता का वास है, मेरी बहनों में देवी माता का वास है। आप सबमें देवी माता का वास है। मैं समस्त शक्ति स्वरूपा मां, बहन, बेटियों को महानवमी के पावन अवसर पर प्रणाम करता हूं। मैंने तय किया कि ऐसी योजना बने, जिससे बेटी बोझ न मानी जाए, इससे ही लाडली लक्ष्मी योजना अस्तित्व में आई। इस योजना के लिए हमने 47 हज़ार 200 करोड़ रुपए सुरक्षित कर दिया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना केवल योजना नहीं है, यह समाज का दृष्टिकोण बदलने का प्रयास है। बेटियों के बिना परिवार, समाज और राष्ट्र नहीं चल सकता है, यह समाज को समझना होगा। सिर्फ योजना में धनराशि देकर ही मेरी ज़िम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती, बल्कि तुम्हारे सपनों को भी पूरा करना है। खूब मेहनत करो, मैं तुम्हारे साथ हूँ। बेटियों को जीवन में सफल बनाना सिर्फ योजना ही नहीं, बल्कि मेरे हृदय का भाव है, मुझे बेटियों का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए इस योजना में कई नयी व्यवस्था जोड़ी है। लाड़ली लक्ष्मी योजना की हमारी बेटियां कॉलेज में एडमिशन लेंगी, तो 25 हजार अलग से दिये जायेंगे। हम ‘लाड़ली लक्ष्मी दिवस’ को उत्सव के रूप में मनायेंगे ताकि बेटियों के प्रति हम सब अपने कर्तव्य को पूर्ण करने के प्रति सजग रहें।

इस अवसर पर सीएम ने कहा कि सामाजिक, शैक्षिक सशक्तिकरण के साथ बेटियों का आर्थिक सशक्तिकरण भी जरूरी है। बेटियां अपने पैरों पर खड़ी हो गईं, तो अपने सपनों को साकार करने के साथ परिवार, प्रदेश एवं देश की उन्नति में योगदान दे सकेंगी। माता-पिता से मेरा अनुरोध है कि बेटियों को उनकी पसंद के क्षेत्र में करियर बनाने दीजिये। बेटियों में अतुलनीय प्रतिभा होती है, इनको अपनी प्रतिभा के प्रकटीकरण का अवसर प्राप्त हो गया, तो ये इतिहास रच देंगी। हम यह तय कर रहे हैं कि ऐसी बेटियां भी, जिन्हें कहीं कोई छोड़ गया या जिनका कोई नहीं है,उन्हें भी लाड़ली लक्ष्मी माना जाएगा और लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी का शत-प्रतिशत टीकाकरण करना, शत प्रतिशत एनीमिया मुक्त करना तथा लाड़ली लक्ष्मी के पोषण का ख्याल रखा जाना चाहिए, जिसके निर्देश दिए गए हैं। उन्होने कहा कि 9 वीं कक्षा की लाड़ली लक्ष्मी के खाते में ट्रांसफर करने के साथ एसएमएस अग्रेषित किया जाने का सुझाव है ताकि, वह शिक्षा विभाग के केरियर पोर्टल से जुड़कर कैरियर काउन्सिलिंग प्राप्त कर सके। प्रत्येक शासकीय विद्यालय में डिजिटल और फायनेंशियल लिटरेसी का सेन्टर स्थापित किया जाए, जहाँ पर अध्ययनरत बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जा सके। समस्त कन्या छात्रवासों में भी ऐसे सेन्टर्स स्थापित होने चाहिए। महिला वित्त एवं विकास निगम व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए लाड़ली लक्ष्मियों हेतु पोर्टल तैयार करे, जिसके आधार पर उनकी अभिरूचि की पहचान कर 12 वीं पास लाड़ली लक्ष्मियों को प्रशिक्षण दिया जाने का सुझाव है। लाड़ली लक्ष्मी जो स्नातक या व्यावसायिक प्रशिक्षण नहीं लेना चाहती उन्हें कला प्रदर्शन के रूचि अनुसार उन्हें जोड़ा जाएगा। 18 वर्ष के उपर की प्रत्येक लाड़ली लक्ष्मी को ड्राइविंग लर्निंग लाइसेंस समुचित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी के साथ सीएम ने कहा कि हमने तय किया है कि लाड़ली को जन्म के समय ही प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा, उनका 10 प्रतिशत टीकाकरण होगा उन्हें एनीमिया से मुक्त करना है और उनके पोषण का ध्यान रखना है। साथ ही हमारी ग्राम पंचायतों को बेटियों के जन्म की संख्या के आधार पर लाड़ली लक्ष्मी फ्रेंडली ग्राम पंचायत घोषित करेंगे। उन्होने कहा कि हमने लाड़ली लक्ष्मी कानून बना दिया है जिसे कोई नहीं बदल पाएगा और आपका भविष्य उज्जवल रहेगा।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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