MP News : मध्य प्रदेश में अब ‘लाडली बहना सेना,’ सीएम शिवराज की घोषणा, इस तरह करेगी काम

MP News : मध्य प्रदेश में अब ‘लाडली बहना सेना,’ सीएम शिवराज की घोषणा, इस तरह करेगी काम

Ladli Behna Sena : लाडली बहना योजना लागू होने के बाद अब मध्य प्रदेश में ‘लाडली बहना सेना’ बनाई जाएगी। इस बात की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बालाघाट जिले के लांजी में आयोजित ‘लाडली बहना सम्मेलन’ में की। उन्होने कहा कि ‘हर गांव में लाडली बहनाओं की एक टीम बनाई जाएगी जो देखेगी कि कहीं गड़बड़ तो नहीं हो रही। लाडली बहना योजना का लाभ दिलाने के साथ वो मॉनिटरिंग का काम भी करेंगी।’

लाडली बहना सेना

सीएम शिवराज ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ये सेना बनाई जाएगी। महिलाएं अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठा सकें और इसका विरोध करे..यही इस सेना को बनाने का उद्देश्य है। उन्होने कहा कि हर काम सरकार और प्रशासन पर क्यों छोड़ दिया जाए..हर चीज मिलकर करना चाहिए। ये सबकी ड्यूटी है और इसीलिए हर गांव लाडली बहनाओं की टीम बनाई जाएगी। इस तरह से ‘लाडली बहना सेना’ का गठन होगा। ये सेना लाडली बहना योजना का लाभ दिलाएगी, इसी के साथ बेटियों की चिंता करेगी, घरेलू हिंसा रोकने का काम करेगी, अत्याचार, कुरीतियों, बुराई के खिलाफ लड़ेंगी और इसमें मुख्यमंत्री का पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होने आह्वान किया कि ‘आओ मेरी बहनों उठकर खड़ी हो जाओ..अब अन्याय नहीं सहेंगे।’ सीएम ने सभा में मौजूद महिलाओं से कहा कि उन्हें सबका साथ चाहिए और वे चाहते हैं कि बहनें इस सेना में शामिल होकर इस योजना को पूरा करने के संकल्प में उनका साथ दें।

लाडली बहना योजना

बता दें कि मध्य प्रदेश में 5 मार्च को भाजपा की सरकार की बेहद महत्वाकांक्षी योजना लाडली बहन योजना का शुभारंभ किया गया। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने जन्मदिन पर मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना  का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1000 रुपए महीना और 12000 सालाना राशि खातों में भेजी जाएगी।इसके अंतर्गत हर महीने बहनों को एक-एक हजार रूपए उपलब्ध कराने की व्यवस्था योजना में की गई है। जिन परिवारों की वार्षिक आय ढाई लाख रूपए से कम है, जिनके पास 5 एकड़ से कम भूमि है और जिन परिवारों में कोई आयकर दाता नहीं हो, ऐसे परिवारों की 23 से 60 आयु वर्ग की बहनें योजना के लिए पात्र हैं। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और बहनों को योजना में आवेदन करने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है। हर गाँव और हर वार्ड में शिविर लगाए जाए रहे हैं और आवेदन भरने में मदद करने के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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