अब SIR पर साइबर ठगों की नजर, BLO बनकर मांग रहे ओटीपी, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

पुलिस का कहना है SIR फॉर्म की प्रोसेस में किसी भी प्रकार के ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती। इसलिए यदि कोई व्यक्ति आपसे एसआईआर प्रक्रिया पूरी कराने का दावा करते हुए ओटीपी मांगे तो तुरंत सावधान हो जाएं।
Indore Crime Branch

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देश के 12 राज्यों में SIR, विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Review) का काम चल रहा है, मध्य प्रदेश में भी चुनाव आयोग के निर्देश पर ये प्रक्रिया जारी है लेकिन अब इसपर साइबर ठगों की निगाह पद गई है वे फर्जी बीएलओ बनकर लोगों से ओटीपी मांगकर ठगी कर रहे हैं, इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस ने लोगों को सावधान करने के लिए एडवाइजरी जारी की है।

चुनाव आयोग के द्वारा लागू प्रक्रिया एसआईआर फॉर्म के भरने की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। ठग किसी सरकारी प्रक्रिया या वेरिफिकेशन का हवाला देकर लोगों को यदि कॉल करते हैं और एसआईआर फॉर्म पूरा कराने के बहाने उनका ओटीपी मांग लेते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति ओटीपी साझा करता है, स्कैमर्स उसके मोबाइल और बैंकिंग से जुड़े खातों तक पहुंच बनाकर आर्थिक नुकसान पहुंचा देते हैं इसी को लेकर क्राइम ब्रांच द्वारा एक एडवाइजरी जारी की गई है।

SIR में OTP की जरुरत नहीं , पुलिस ने जारी की एडवाइजरी 

इंदौर क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश डंडोतिया ने इस मामले में एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि एसआईआर फॉर्म की प्रोसेस में किसी भी प्रकार के ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती। इसलिए यदि कोई व्यक्ति आपसे एसआईआर प्रक्रिया पूरी कराने का दावा करते हुए ओटीपी मांगे तो तुरंत सावधान हो जाएं।

निजी जानकारी अधिकृत व्यक्ति को ही देने की अपील  

पुलिस का कहना है कि कोई भी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। जागरूकता ही ऐसे साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को जानकारी न देने की अपील की है।

शकील अंसारी की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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