इंदौर ने भी जताया आभार, कैलाश विजयवर्गीय ने परिवार संग बजाई थाली

इंदौर ने भी जताया आभार, कैलाश विजयवर्गीय ने परिवार संग बजाई थाली

इंदौर//आकाश धौलपुरे।

इंदौर सहित समूचे प्रदेश और देश मे पीएम मोदी की अपील रंग लाई और सभी ने उन योद्धाओं का उत्साह बढ़ाया जो जमीनी तौर पर कोरोना जैसे प्राणघातक वायरस से लड़ने में जुटे है। दरअसल, पीएम मोदी के आह्वान पर आज सुबह 7 बजे से लेकर रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू देशभर में लगाया गया। इसी अपील के दौरान कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे डॉक्टर्स, नर्सेस, सफाईकर्मी, पुलिस और सेना के जवान व अधिकारियों सहित मीडियाकर्मियों के सम्मान में समूचे इंदौर में लोगो ने घर से बाहर निकलकर थाली और ताली बजाने के साथ ही शंख बजाये और आतिशबाजी भी की। इसी के बीच
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और उनके परिवार ने कोरोना से जंग करने वाले सिपाहियों की हौंसला अफ़जाई के लिए थाली और ताली बजाकर अभिनंदन किया और माना कि आज देश एकता के सूत्र में हमेशा की तरह है और इसी तरह हम कोरोना से जंग लड़ेंगे।

इंदौर में छोटी बस्तियों से लेकर शामियानो में रहने वाले लोगो ने जमीनी योद्धाओं का स्वागत और सत्कार कर उनका विश्वास बढ़ाया और ये भी जताया कि पूरा देश उनके साथ कोरोना से जंग के लिए तैयार है। बता दे कि देश मे ये पहला मौका है जब लोगो ने घरों से ही सभी योद्धाओं का हौंसला इस अंदाज बढ़ाया है वही ये भी ज्ञात रहे कि विदेश में रह रहे लोगो द्वारा भी लगातार इसी तरह से अपने योद्धाओं का हौंसला बढ़ाया जा रहा है।सभी के मन मे बस एक ही बात थी कि कोरोना से लड़ने वाले योद्धाओं के साथ समूचा देश एक सूत्र में बंधा हुआ है और सब की रक्षा करने वालो का सम्मान हर घर से किया जा रहा है। फिलहाल तो पीएम की अपील रंग लाई है और लोगो ने ये कसम भी खाई है कि अब हर वो मुनासिब तरीके से कोरोना को हराना फिर चाहे उन्हें जो कुछ भी करना पड़े।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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