इंदौर में साइबर ठगी का नया मामला, अस्पताल रजिस्ट्रेशन के नाम पर भेजी APK फाइल, खाते से उड़ाए 1.32 लाख रुपए

इंदौर के तुकोगंज इलाके में अस्पताल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए मोबाइल पर आई एक फाइल दंपति को महंगी पड़ गई। दरअसल रजिस्ट्रेशन में मदद करने के बहाने साइबर ठगों ने 1.32 लाख रुपये ठग लिए।
इंदौर में साइबर ठगी का नया मामला, अस्पताल रजिस्ट्रेशन के नाम पर भेजी APK फाइल, खाते से उड़ाए 1.32 लाख रुपए

इंदौर के तुकोगंज थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। दरअसल अस्पताल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए इंटरनेट पर संपर्क नंबर तलाशना एक परिवार को भारी पड़ गया। ठगों ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराने के बहाने मोबाइल पर APK फाइल भेजी। इसे डाउनलोड कर इंस्टॉल करते ही बैंक खाते से 1.32 लाख रुपये निकल गए। शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दरअसल मामले में निकेत अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि उनके पिता अस्पताल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए इंटरनेट पर एक संपर्क नंबर तलाश रहे थे। इसी दौरान एक अनजान मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराने की बात कही और इसके लिए मोबाइल पर एक फाइल भेजी। निकेत की पत्नी तृप्ति ने उस APK फाइल को अपने फोन में डाउनलोड कर इंस्टॉल कर लिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से रकम कट गई। परिवार को जब खाते से पैसे निकलने का पता चला तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जानिए APK फाइल से कैसे हुई ठगी?

पुलिस के मुताबिक ठगी की शुरुआत अस्पताल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए संपर्क नंबर तलाशने के दौरान हुई। इसी जरूरत का फायदा उठाकर ठगों ने परिवार से संपर्क किया। बातचीत में रजिस्ट्रेशन पूरा कराने की बात कही गई और मोबाइल पर APK फाइल भेजी गई। फाइल इंस्टॉल होने के बाद खाते से 1.32 लाख रुपये निकलने की शिकायत सामने आई है। बता दें कि APK एंड्रॉयड मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करने के लिए इस्तेमाल होने वाली फाइल का फॉर्मेट है। किसी अनजान नंबर से आई ऐसी फाइल को इंस्टॉल करना जोखिम भरा हो सकता है खासकर तब जब भेजने वाले की पहचान और फाइल के असली होने की पुष्टि न हो।

पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया

वहीं क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि ऑनलाइन फ्रॉड निकेत अग्रवाल के साथ हुआ। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। दरअसल ऑनलाइन अस्पताल रजिस्ट्रेशन, बिल पेमेंट या किसी दूसरी सर्विस के नाम पर अनजान व्यक्ति मोबाइल पर फाइल भेजे, तो सावधानी बरतना जरूरी है। सिर्फ फोन पर किसी के कहने से फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करनी चाहिए। अस्पताल का संपर्क नंबर उसकी आधिकारिक वेबसाइट, आधिकारिक ऐप या अस्पताल में उपलब्ध जानकारी से जांचना बेहतर है।

शकील अंसारी, इंदौर

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