Indore News : पिता बना हैवान, अपनी ही चार साल की बेटी के साथ किया दुष्कर्म

भोपाल-मामा के घर सगाई में आए मासूम हुए लापता, पुलिस को लगा हो गया अपहरण लेकिन बच्चों के बरामद होते सामने आया सच, रह गए सब हैरान

Indore News : देश का नंबर एक स्वच्छ शहर, मिनी मुंबई कहलाने में शान समझने वाला इंदौर कुछ ऐसे लोगों के कारण बदनामी के दाग भी झेल रहा है जो रिश्तों को तार तार करने में जरा सा भी वक्त नहीं लगाते, ताजा मामला न असिर्फ़ हैरान कर देने वाला है बल्कि ये भी सोचने वाला है कि आज समाज किस गर्त में जा रहा है।

दरअसल इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में रिश्ते शर्मसार होने का मामला सामने आया है यहां पर रहने वाले पिता ने ही अपनी 4 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म किया, घटना के बाद जब माँ ने मासूम को गुमसुम देखा तो पिता की हैवानियत सामने आया फिर माँ  बेटी को पुलिस के सामने लेकर पहुंची जहां पर पुलिस ने शिकायत दर्ज की और फिर उसके बाद आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।

घटना की जानकारी देते हुए डीसीपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि बच्ची की माँ और पिता विवाद के चलते अलग अलग रह रहे थे, 6 जून को उनके पति उसके घर आये वे ड्यूटी पर गई थी और इस दौरान वे उनकी 4 साल की बेटी को अपने घर ले गए, पत्नी दो दिन तक बच्ची को वापस करने की गुहार लगाते रही लेकिन उन्होंने नहीं दिया तो फिर एम आई जी थाने की मदद से बच्ची की वापस लिया और घर आ गई।

जब वे बच्ची को घर लाई तो वो गुमसुम थी, माँ ने जब देखा तो उसके शरीर पर, प्राइवेट पार्ट पर घाव थे। ये देखकर वे घबरा गई लेकिन उन्होंने खुद को शांत रखते ही अपनी बेटी से बहुत ही प्यार से चोट के बारे में पूछा तो बेटी ने पिता की हैवानियत बयां कर दी , उसके बाद वो पुलिस थाने पहुंची।

पुलिस ने माँ की शिकायत पर पिता के खिलाफ दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज किया। हेल्प डेस्क की मदद से मासूम के बयान लिए फिर फिर दोषी पिता को गिरफ्तार कर लिया, पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराया है, पुलिस उसकी काउंसलिंग भी करा रही है जिससे उसके मासूम मन पर इस घटना का कोई बुरा असर ना हो।

इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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