
Indore News : देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में एमबीए फर्स्ट सेम का पर्चा लीक मामले में रोजाना कुछ ना कुछ नया सामने आ रहा है। गौरतलब है कि पर्चा लीक कांड में मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। इस मामले में डीएवीवी द्वारा बनाई गई आंतरिक कमेटी की रिपोर्ट के बाद बीते दिन हुई कार्यपरिषद की बैठक में अक्षय बम के कॉलेज को 3 साल तक परीक्षा केंद्र ना बनाने की बात कही गई साथ ही 5 लाख का फाइन भी लगाया गया है। पूरे मामले को लेकर गुरुवार पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष ने साथियों के साथ कुलपति को एक लिखित ज्ञापन महामहिम राज्यपाल के नाम सौंपते हुए फैसले को गलत बताया और कार्य परिषद भंग करने की मांग की है।
कॉलेज की मान्यता समाप्त करने की मांग
एमबीए फर्स्ट सेम के पर्चा लीक मामले में दोषी कॉलेज को आर्थिक दंडित करते हुए 3 साल तक परीक्षा केंद्र ना बनाने का आदेश भी जारी कर दिया गया है। अब कार्य परिषद की बैठक के दूसरे दिन लिए गए फैसले पर एतराज उठाते हुए पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, तेज प्रकाश राणे, देवेंद्र सिंह यादव और अन्य लोगों ने विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर रेनू जैन को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और किए गए फाइन को गलत बताते हुए कॉलेज की मान्यता समाप्त करने की मांग की है।
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पूरे मामले को लेकर डीएवी की कुल गुरु प्रोफेसर रेनू जैन से बात की गई तो उन्होंने आए हुए लोगों द्वारा एक लिखित ज्ञापन महामहिम राज्यपाल और प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री के नाम देना बताते हुए किए गए फैसले के बारे में बताया और दिए गए ज्ञापन देने की बात कही है।
इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट
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