
टीही से धार के बीच तैयार किए गए 47 किलोमीटर लंबी रेलखंड पर यात्रियों के लिए ट्रेन चलाए जाने की उम्मीद बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। ट्रेन का काम पूरा हो गया है और अब रेलवे की ओर से यहां सीआरएस यानी कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी निरीक्षण किया जाने वाला है। इसे लेकर सभी तैयारी कर ली गई है।
जानकारी के मुताबिक गुरुवार और शुक्रवार को इस क्षेत्र का सीआरएस निरीक्षण किया जाने वाला है। पहले दिन ट्रैक, पुल और रेल संरचनाओं की ट्रॉली से जांच की जाएगी। वहीं दूसरे दिन 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन को दौड़ा कर ट्रैक की क्षमता सुरक्षा को परखा जाएगा।
निरीक्षण के बाद दौड़ेगी ट्रेन
रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक CRS निरीक्षण सफल रहता है और अनुमति मिल जाती है तो इस मार्ग पर यात्री ट्रेन चलाने का रास्ता साफ हो जाएगा। 5 और 6 नवंबर यानि आज और कल इस रेल सेक्शन पर निरीक्षण किया जाने वाला है। निरीक्षक को देखते हुए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल द्वारा लोगों से या अपील की गई है कि रेल लाइन के आसपास बिल्कुल ना जाएं।
इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत धार–टीही के बीच लगभग 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर 02 नवंबर 2026 को 130 किमी प्रति घंटे की गति से स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। निर्माण विभाग द्वारा किए गए इस ट्रायल के दौरान नवनिर्मित रेल ट्रैक, ओएचई (विद्युत लाइन) एवं सुरंग की कार्यक्षमता का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।
इस रेलखंड का रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा 05 एवं 06 नवंबर 2026 को निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान 130 किमी प्रति घंटे की गति से निरीक्षण यान चलाकर रेल ट्रैक एवं अन्य संरचनाओं की संरक्षा संबंधी जांच की जाएगी।
रेलवे द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि सुरक्षा की दृष्टि से रेल लाइन से उचित दूरी बनाए रखें तथा स्वयं एवं अपने पशुओं को रेलवे ट्रैक के आसपास न जाने दें। निरीक्षण एवं परीक्षण के दौरान विशेष सतर्कता बरतें और रेलवे द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
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— DRM Ratlam (@RatlamDRM) November 2, 2026
किया जा चुका है स्पीड ट्रायल
CRS निरीक्षण से पहले इस रिसेशन पर कई चरणों में स्पीड ट्रायल किया जा चुका है। 2 नवंबर को किए गए इस प्रशिक्षण में 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की शुरुआत की गई थी। इसे बाद में 75 फिर 110 और आखिर में 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंचाया गया। इसके पहले टॉवर वैगन ट्रायल और फिर पूरे क्षेत्र में डीजल इंजन चलाकर परीक्षण किया जा चुका है।
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