मालिक के साथ विश्वासघात, करीब 5 करोड़ रुपये के सोने के जेवर लेकर ड्राइवर फरार

अहमदबाद से इंदौर में सोने के जेवर बेचने आये ज्वेलर को उसके ही ड्राइवर ने चूना लगा दिया, जिस ड्राइवर पर उन्हें सबसे जायदा विश्वास था उसने ही उनके साथ विश्वासघात किया है, पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है ।
Indore Crime Branch

अहमदबाद से इंदौर सोने के जेवरात बेचने आये ज्वेलर को उसके ही ड्राइवर ने धोखा दे दिया और उसका जेवरों से भरा बैग लेकर फरार हो गया, बैग में करीब 5 करोड़ रुपये के जेवर थे जिसे इंदौर के व्यापारियों को बेचा जाना था, घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश  शुरू कर दी है।

इंदौर क्राइम ब्रांच ने गुजरात के व्यापारी का करोड़ों का सोना लेकर भागे उनके ड्राइवर पर मामला दर्ज कर उसकी तलाश के लिए टीमें गठित कर दी है, पुलिस  आसपास के सीसीटीवी तलाश कर रही है , पुलिस छापे मार रही है जिससे फरार अरोप्पी  को पकड़ा जा सके।

4 करोड़ 80 लाख रुपये के जेवर लेकर ड्राइवर फरार 

डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया अहमदाबाद निवासी व्यापारी धर्मेंद्र भाई ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनका ड्राइवर 4 किलो 800 ग्राम सोना लेकर फरार हो गया है। व्यापारी की अहमदाबाद में “अंकित गोल्ड ज्वेलरी” नाम से दुकान है। चोरी हुए सोने की कीमत 4 करोड़ 80 लाख रुपए बताई जा रही है।

अहमदबाद से इंदौर जेवर बेचने आया था व्यापारी 

धर्मेंद्र भाई ने पुलिस को बताया कि वो उनके कर्मचारी और ड्राइवर के साथ कार में जेवर लेकर अहमदाबाद से इंदौर के लिए सफर शुरू किया था। उन्हें इंदौर के सोना-चांदी व्यापारियों को जेवर दिखाने थे। इंदौर पहुंचे व्यापारी और काम शुरू किया फिर एक जगह शेविंग करवाने रुक गए वही जब शेविंग करवाकर वापस लौटे तो ड्राइवर गाड़ी सहित गायब था गायब होने की सूचना कर्मचारी ने तुरंत मालिक धर्मेंद्र भाई को दी।

क्राइम ब्रांच पुलिस ने मामला दर्ज किया 

ड्राइवर के सोना के जेवर भरे बैग के साथ भाग जाने के सूचना के बाद व्यापारी ने अपने स्तर पर तलाश की फिर स्थानीय पुलिस को जानकारी दी। अपने स्तर पर तलाश करने के बाद जब ड्राइवर का सुराग नहीं  मिला तो  व्यापारी क्राइम ब्रांच पहुंचे और मामला दर्ज कराया।

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इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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