
Indore-Seva Sansthan minor rape : इंदौर के सेवा संस्थान में मानसिक रूप से कमजोर और दिव्यांग नाबालिग के गर्भवती होने का मामला अभी सुलझ नहीं पाया है, 17 साल की नाबालिग पुलिस को कुछ भी नहीं बता पा रही है। उसके लिए मूक बधिर एक्सपर्ट की भी मदद ली गई लेकिन उसके बावजूद नाबालिग पीड़िता ने एक शब्द नहीं कहा, जानकारों की माने तो 17 साल की नाबालिग का दिमाग डेढ़ साल के बच्चे की तरह काम कर रहा है, वही अब पुलिस ने अनुभूति विजन सेवा संस्थान में काम कर रहे 3 पुरुष कर्मचारियों का DNA टेस्ट करने का फैसला किया है, ताकि सच सामने आ सकें।
अब भी पहेली बना है मामला
गरीब परिवार में जन्मी 17 साल की लड़की धार जिले के पीथमपुर की रहने वाली है। बचपन से दिमाग ठीक से काम नहीं करता था। दिमाग सिर्फ डेढ़ साल के बच्चे जैसा रिएक्ट करता है। चार साल पहले परिवार ने उसे इंदौर के स्कीम नंबर 74 में बालिका आश्रम में भर्ती किया। परिजनों का आरोप है कि नाबालिग के साथ सेवा संस्थान में ही कुछ गलत हुआ है, वह आश्रम में ही प्रेग्नेंट हो गई और पांच महीने का गर्भ है। पीरियड्स नहीं आने पर आश्रम की संचालिका ने 7 फरवरी को जानकारी दी। जब परिजन आश्रम पहुंचे और उन्होंने डाक्टर से बच्ची का चेक अप करवाया तो सच जानकर हैरान रह गए। वही सेवा संस्थान प्रबंधन ने साफ इंकार कर दिया कि घटना आश्रम के अंदर की है, जबकी लड़की के परिजनों का कहना है कि अगस्त में कुछ दिनों के लिए वह बच्ची को घर लाए थे फिर वापस तीन दिन बाद उसे आश्रम छोड़ दिया था। फिलहाल स्टाफ से पूछताछ जारी है।
