खंडवा,खरगोन,बड़वानी में तब्लीगी जमात और ट्रेवल हिस्ट्री मुख्य कारण, इंदौर प्रशासन का दावा- जल्द तोड़ेंगे कोरोना चेन

खंडवा,खरगोन,बड़वानी में तब्लीगी जमात और ट्रेवल हिस्ट्री मुख्य कारण, इंदौर प्रशासन का दावा- जल्द तोड़ेंगे कोरोना चेन

इंदौर/आकाश धोलपुरे

इंदौर संभाग से जुड़े कोरोना पॉजिटिव मामलो को लेकर इंदौर संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने शुक्रवार को बताया कि खंडवा, खरगोन और बड़वानी जिलों में कोरोना की संख्या जरूर बढ़ी है, लेकिन सकारात्मक बात यह है कि हम इसकी चैन पकड़ने में कामयाब रहे हैं। उन्होंने कहा कि खंडवा में तब्लीगी जमात के लोग मस्जिद में रुके थे जहां सामूहिक रूप से नमाज अता हुई इस दौरान ज्यादातर लोग उनके संपर्क में आए और वही लोग पॉजिटिव हुए हैं। इसके अलावा खरगोन और बड़वानी सहित खंडवा में पॉजिटिव आने वाले ज्यादातर लोगों की सऊदी अरब यूएई ट्रेवल हिस्ट्री भी सामने आई है जो उमरा करने गए थे।

वहीं संभागायुक्त ने बताया कि दिल्ली से जो 1000 रिपोर्ट्स आई हैं वो 8-10 दिन पुराने सैंपल हैं और अब संक्रमितों की संख्या में गिरावत की उम्मीद है। वहीं उन्होने कहा कि भले ही इंदौर में कोरोना संक्रमितों के मरीज तेजी से बढ़े हैं लेकिन ज्यादातर हिस्सों पर प्रशासन नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद है कि हम अब तक काफी लोगों के सैंपल लेने में कामयाब रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही कोरोना संक्रमितों की संख्या कम होगी। वहीं उन्होंने अन्य व्यवस्थाओं पर विश्वास जताते हुए कहा कि राशन की व्यवस्था भी घर पहुंच की जा रही है साथ ही अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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