किराना सामान के होम डिलीवरी की लिस्ट निकली फर्ज़ी, नगर निगम ने कहा- “जरूरतदमंदों तक पहुंचा रहे हैं सामान”

किराना सामान के होम डिलीवरी की लिस्ट निकली फर्ज़ी, नगर निगम ने कहा- “जरूरतदमंदों तक पहुंचा रहे हैं सामान”

इंदौर। आकाश धौलपुरे।

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है लेकिन इसकी गम्भीरता को ना समझने वालों की अब भी कमी नही, जबकि इंदौर कोरोना संक्रमण के मामले में देश के शीर्षस्थ 4 संक्रमित क्षेत्रो में से एक है। इंदौर में ऐसी हद पार हो रही है कि आज ही सोशल मीडिया पर एक किराना दुकान की सूची वायरल हो गई। सूची के साथ मैसेज भी चलाये जा रहे है कि किराना दुकान संचालको से संपर्क कर लॉक डाउन के बीच सामान को घर भी मंगवाया जा सकता है। इस मामले में जब मीडिया ने पड़ताल की तो पता चला कि किराना दुकान संचालको को ही पता नही की उनका नम्बर दिया गया है। वार्ड स्तर की किराना दुकान की वायरल सूची में कई नम्बर तो लग ही नही रहे और कई आउट ऑफ सर्विस है। इस मामले में जब इंदौर निगमायुक्त आशीष सिंह से हकीकत जानी गई तो उन्होंने ऐसी कोई भी सूची जारी नही की जाने की बात कही और साथ ही उन्होंने किराना दुकान की वायरल सूची को फेक और झूठी करार दिया। निगमायुक्त आशीष सिंह ने बताया है कि फिलहाल, निगम की ओर से राधा स्वामी सत्संग आश्रम में 500 लोगो को ठहराया गया है जिनमे शहर के बेसहारा लोगो सहित वो मजदूर भी शामिल है जो पलायन करने पर मजबूर थे। उन्होंने बताया कि फिलहाल, निगम द्वारा जरूरतमंद लोगों के लिए 25 हजार खाद्य सामग्री के पैकेट तैयार किये गए है जो जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाये जाएंगे। उन्होंने बताया कि पैकेट में आटा, तेल, मिर्च, नमक, आलू व प्याज जैसा जरूरी सामान है जो लोगो तक पहुंचाया जा रहा है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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