कोरोना संकट के बीच कर्मवीर पुलिस जवानों से मिले विजयवर्गीय

कोरोना संकट के बीच कर्मवीर पुलिस जवानों से मिले विजयवर्गीय

इंदौर।आकाश धौलपुरे।

पुलिस जवानों की महती भूमिका का अंदाजा इन दिनों इस बात से लगाया जा सकता है वो अपने घर व परिवार को छोड़कर 24 घण्टे केवल जनसेवा में लगे। इन्ही पुलिस जवानों से आज इंदौर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मुलाकात की। दरअसल, इंदौर के द्वारकापुरी थाने का समूचा पुलिस स्टॉफ बीते एक सप्ताह से अपने घर को छोड़कर अहिल्या परिसर में रह रहे है। कोरोना संकट के बीच कर्मवीर पुलिसकर्मियों द्वारा समाज के हर तबके से घर मे रहने की अपील के साथ ही कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए अपनी जान की परवाह किये बगैर सेवा कर रहे है।

ऐसे में पुलिसकर्मियों के हालचल जानने के लिए बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय आज अहिल्या परिसर में मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और पुलिसकर्मियों के त्याग को सलाम किया।विजयवर्गीय ने सभी पुलिसकर्मी को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और N75 मास्क भी उपलब्ध कराने की बात की। बता दे किइंदौर में कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने खुद को आइसोलेट करते हुए घर जाना बंद कर दिया है। मुलाकात के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने द्वारकापुरी थाने के एसएचओ संजय शुक्ला और स्टाफ के लोगों को धन्यवाद दिया और उनके खाने पीने से लेकर अन्य व्यवस्था के संबंध में भी बात की और हर जरूरी चीज मुहैया कराने का आश्वासन भी दिया।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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