सितंबर 2026 में मध्यप्रदेश में होंगे छात्र संघ चुनाव, हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सरकार का जवाब

हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश छात्र संघ चुनाव का रास्ता साफ कर दिया है। सितंबर माह में इसका प्रस्ताव रखा गया है। हाईकोर्ट में दायर याचिका पर राज्य सरकार ने जवाब दिया है।
MP Student Union Election 

मध्य प्रदेश में छात्र नेताओं को के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सत्र 2026-27 में छात्र संघ चुनाव (MP Student Union Election) होंगे। हाई कोर्ट में दायर याचिका का राज्य सरकार ने जवाब दिया है। कोर्ट के निर्देश पर सरकार द्वारा अकादेमिक कैलेंडर पेश किया गया है। जिसमें छात्र संघ गठन के कार्यक्रम को स्पष्ट किया गया है।

सितंबर 2026 में छात्र संघ चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा गया है। राज्य सरकार के जवाब के बाद कोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया है, जो काफी लंबे समय से लंबित है। सोमवार को इस मामले में सुनवाई की गई। इस दौरान उच्च शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026- 27 का अकादेमिक कैलेंडर कोर्ट के सामने पेश किया। इसमें परीक्षा, छुट्टियाँ, छात्र संगठन और अन्य गतिविधियां शामिल हैं।

जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय ले सकते हैं पुलिस सुरक्षा

सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से तर्क रखा गया कि छात्र संघ चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। जिसपर इस पर हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर पुलिस सुरक्षा की जा सकती है। लेकिन इस कारण चुनाव को रोकना सही नहीं है। सितंबर 2026 में चुनाव कराने का निर्देश दिया गया है।

2017 से बंद है छात्र संघ चुनाव 

मध्य प्रदेश में साल 2017 के बाद से ही छात्र संघ चुनाव बंद है। इसके बाद विश्वविद्यालय और कॉलेज में चुनाव नहीं करवाया गया। हालांकि इस मामले को लेकर साल 2024 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। करीब 2 साल बाद अदालत के निर्देश पर सरकार ने फिर से छात्र संघ चुनाव कराने का फैसला लिया है। याचिका का निराकरण कर दिया गया है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews