MP में अब सेना के लिए टैंक का निर्माण होगा, Regional Industry Conclave 2024 में आये 17000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, निवेशकों में दिखा उत्साह

कॉन्क्लेव में 6 अलग-अलग देशों ताइवान, मलेशिया, यूके, फिजी, कोस्टारिका और इंडोनेशिया ने हिस्सा लिया। कॉन्क्लेव में देश के 15 राज्यों से निवेशक शामिल हुए। जिसमें डिफेंस, खनिज, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी विकास, वस्त्र एवं परिधान से संबंधित अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए।
Regional Industry Conclave 2024

Regional Industry Conclave 2024 : जबलपुर में आज शनिवार 20 जुलाई को आयोजित हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 2024 प्रदेश के लिए कई सौगातें लेकर आई है, इसमें देश के साथ साथ विदेश के भी उद्योगपति और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए, कॉन्क्लेव में बड़ी इकाइयों के लिए 17000 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आये, खास बात ये है कि अशोका लेलैंड व एवीएनएल के बीच 600 करोड़ रुपये का आपसी करार हुआ है, जिसके चलते अब यहां टैंक का भी निर्माण होगा।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जबलपुर में आयोजित की गई Regional Industry Conclave 2024 को एल सफल आयोजन बताया , उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि जबलपुर में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं , यहाँ आये निवेशकों ने हर सेक्टर में निवेश के लिए उत्साह के साथ रुचि दिखाई है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कॉन्क्लेव में 265 औद्योगिक इकाइयों को 340 एकड़ भूमि आवंटन हेतु आशय पत्र जारी किए गए, वृहद इकाइयों हेतु कुल 17,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, प्रदेश में एक साथ कुल 67 इकाइयों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन किए गए, इसमें 1530 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

अशोक लेलैंड व एवीएनएल के बीच 600 करोड़ रुपये का करार, टैंक का भी निर्माण होगा

डॉ मोहन यादव ने बताया कि एक खास करार रक्षा उपकरणों को लेकर रहा है, उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि आज कॉन्क्लेव में रक्षा उपकरण के लिए अशोक लेलैंड व एवीएनएल (आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड) के बीच 600 करोड़ रुपये का आपसी करार हुआ है जिसके बाद अब मध्य प्रदेश में सेना के लिए टैंक का भी निर्माण होगा।

6 देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल, कई क्षेत्र में हुए एमओयू  

उन्होंने बताया कि कॉन्क्लेव में 6 अलग-अलग देशों ताइवान, मलेशिया, यूके, फिजी, कोस्टारिका और इंडोनेशिया ने हिस्सा लिया। कॉन्क्लेव में देश के 15 राज्यों से निवेशक शामिल हुए। जिसमें डिफेंस, खनिज, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी विकास, वस्त्र एवं परिधान से संबंधित अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए, सत्रों में उद्योगपतियों व उनके प्रतिनिधियों के साथ निवेश को लेकर संवाद हुआ।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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