नरोत्तम मिश्रा का कमल नाथ पर हमला, बोले- लोकतंत्र का अपमान करना उन्हें अच्छा लगता है

नरोत्तम मिश्रा का कमल नाथ पर हमला, बोले- लोकतंत्र का अपमान करना उन्हें अच्छा लगता है

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ (Kamal Nath) पर जवाबी हमला करते हुए कहा है कि कमल नाथ एक महीने में चार बार सोनिया गांधी की चौखट पर जाते हैं लेकिन 4 घंटे विधानसभा में नहीं बैठते और फिर विधानसभा की कार्यवाही को बकवास कहते हैं, ये लोकतंत्र का अपमान है और लोकतंत्र का अपमान करना उन्हें अच्छा लगता है।

प्रदेश सरकार के गृह मंत्री एवं सरकार के प्रवक्ता डॉ नरोत्तम मिश्रा (HM Dr Narottam Mishra) ने मीडिया से नियमित ब्रीफिंग में कमल नाथ के बयान को पीड़ादाई बताया। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने चार बार सोनिया गांधी की चौखट पर जाने वाले, लम्बे समय तक केंद्रीय मंत्री, संसदीय कार्य मंत्री, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष रहने वाले कमल नाथ यदि विधानसभा की कार्यवाही को बकवास बताएँगे तो इसे ज्यादा चिंतनीय बात क्या होगी।

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चार घंटे कुल औसत सत्र में हॉउस में नहीं बैठे, जब से नेता प्रतिपक्ष बने हैं तब से 24 महीने में 24 घंटे नहीं बैठे, लेकिन उसके बावजूद भी यदि विधानसभा की कार्यवाही को बकवास कहते है तो ये लोकतंत्र का अपमान हैं और इनको लोकतंत्र का अपमान करने में ही आनंद आता है, देश का अपमान करने में  ही आनंद आता है, उन्होंने कहा कि इनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला लाएंगे और विधानसभा अध्यक्ष से वैधानिक कार्यवाही की मांग करेंगे।

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कोरोना पर ये बोले

गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 13 नए मामले सामने आए हैं और 8 ठीक हुए हैं बचे हुए एक्टिव केस की संख्या 75 है। कल प्रदेश में कुल 5633 सेम्पल लिए गए हैं। संक्रमण दर 0.23 है जबकि रिकवरी दर 98.7 बनी हुई है।

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मुरैना हर्ष फायर घटना पर प्रतिक्रिया 

गृह मंत्री ने कहा कि शादी जैसे आयोजनों में हथियार का प्रदर्शन अथवा हर्ष फायर में जान जाना गंभीर विषय है इसलिए ये विचार किया जा रहा है कि हथियार ले जाने की सूचना सम्बंधित पुलिस थाने से अनुमति ले अथवा सूचना दे इसपर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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