Ganga Jamna School: अब अवैध बिल्डिंग पर चलेगा बुलडोजर, नोटिस जारी

Ganga Jamna School: अब अवैध बिल्डिंग पर चलेगा बुलडोजर, नोटिस जारी

Ganga Jamna School Damoh : इस्लामिक शिक्षा देने, स्कूल में नमाज पढ़ाने, गैर मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनाने के मामले में विवादों में आये दमोह के गंगा जमना स्कूल की बिल्डिंग पर अब बुलडोजर चलने की तैयारी है, दमोह नगर पालिका ने स्कूल के नाम एक नोटिस जारी किया है जिसमें स्कूल में अवैध निर्माण कराये जाने का हवाला दिया गया है

दमोह के विवादास्पद गंगा जमना स्कूल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है, हिजाब से शुरू हुआ मामला धर्मान्तरण और टेरर फंडिंग के आरोपों तक पहुंचा तो रविवार को स्कूल की प्रिंसिपल, एक टीचर और चौकीदार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, सरकार ने अब स्कूल के खिलाफ चौतरफा जांच शुरू कर दी है।

इस बीच अब स्थानीय प्रशासन स्कूल पर बुलडोजर चलाने की तैयारी में है। दमोह नगर पालिका ने गंगा जमना स्कूल के नाम एक नोटिस जारी किया है जिसमें स्कूल परिसर में बिना अनुमति के निर्माण कार्य किये जाने का हवाला दिया गया है और ताकीद किया गया है कि तीन दिन के अंदर इस नोटिस का जवाब दिया जाए अन्यथा नगर पालिका इस निर्माण कार्य को धराशाई कर देगी।

रविवार यानि छुट्टी के दिन जारी किए गए इस नोटिस को स्कूल को भेजा गया है। नोटिस रश्के जहां पति राशिद खान के नाम पर भेजा गया है। राशिद खान स्कूल के बोर्ड मेम्बर में से एक हैं जिनके खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है और वो फरार हैं जबकि स्कूल की जमीन पर मालिकाना हक उनकी पत्नी रश्के जहां का है, लिहाजा उनके नाम नोटिस जारी हुआ है।

गौरतलब है कि गंगा जमना स्कूल मप्र शासन से मान्यता प्राप्त अंग्रेजी माध्यम हायर सेकेंडरी स्कूल है लेकिन जब स्कूल का एक ऐसा पोस्टर सामने आया जिसमें स्कूल की सभी बच्चियों को हिजाब पहनाये दिखाया गया, हिजाब पहने दिखाई गई इन बच्चियों में गैर मुस्लिम बच्चियां भी शामिल थी तो विवाद शुरू हुआ,  इस पोस्टर के वायरल होते ही हिन्दू संगठनों ने एतराज जताया, ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

मामला राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग तक पहुंचा तो उनकी एक टीम ने जब जांच की तो स्कूल में नमाज पढ़ाने, कुरान की आयतें होमवर्क में दिए जाने, गैर मुस्लिम बच्चियों को हिजाब पहनाने और इस्लामिक शिक्षा दिए जाने का खुलासा हुआ हालाँकि स्कूल प्रबन्धन आरोपों को बेबुनियाद बताता रहा, जिला शिक्षा अधिकारी, एसपी और कलेक्टर ने भी शुरुआत में क्लीन चिट दे दी लेकिन बाल संरक्षण आयोग पीछे नहीं हटा।

गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने जाँच के आदेश दिए लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एफआईआर के आदेश दिए, शुरूआती जांच में ही स्कूल में एक मस्जिद का ख़ुफ़िया रास्ता निकला, इस्लामिक शिक्षा से जुडी सामग्री मिली, पुलिस के शिकंजा कसते ही  जिसके बाद इसके मैनेजमेंट के कुछ सदस्य फरार हो गए, पुलिस ने अभी तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें स्कूल प्रिंसिपल, एक टीचर और चौकीदार शामिल हैं।

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दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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