1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में पहुंचे 31वीं किस्त के 1500 रू, अब जनवरी में आएगी अगली किस्त, जानें अबतक की अपडेट

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की एक करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में 1857 करोड़ रुपए अंतरित कर दिए गए है। सीएम ने हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से 31वीं किस्त के पैसे ट्रांसफर किए।
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Ladli behna Yojana 2025 : 9 दिसंबर मंगलवार को सीएम मोहन यादव ने छतरपुर से मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में 31वीं किस्त के 1500-1500 रूपए भेज दिए है।बता दे कि योजना की शुरुआत में एक हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः 250 रुपये की वृद्धि लागू की गई।योजना में अब तक 46 हजार 500 करोड़ की राशि बहनों के खातों में अंतरित की जा चुकी है। अब नए साल के पहले महीने जनवरी 2026 में 32वीं किस्त जारी की जाएगी।

2023 में शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना

  • मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी और 10 जून को पहली किस्त जारी की गई थी।योजना के उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनके निर्णय अधिकार को मजबूत करना तथा स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सतत सुधार सुनिश्चित करना है।
  • इस योजना में मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी विवाहित महिलाओं के साथ ही निर्धन, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं। आवेदन वर्ष के आधार पर 1 जनवरी की स्थिति में 21 से 59 वर्ष तक की आयु की महिलाएं पात्रता के दायरे में आती हैं।
  • योजना की शुरुआत में एक हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः 250 रुपये की वृद्धि लागू की गई।
  • वर्तमान में सामान्य हितग्राही महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को 900 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है।
  • इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में तीन बार 250 रुपये की विशेष सहायता राशि भी बहनों को प्रदान की जा चुकी है।अब इस योजना के तहत 1500 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 18,000 रुपये मिलते हैं।
  • लाड़ली बहनों को जून 2023 से नवंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 30 किश्तों का अंतरण किया गया है। योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।
  • दिसंबर 2025 में 31वीं किस्त का भुगतान किया जा रहा है। यह सभी भुगतान डीबीटी के माध्यम से आधार-सक्रिय बैंक खातों में किए जाएंगे, जिससे लाभार्थियों को राशि सीधे और सुरक्षित प्राप्त हो सके।प्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250) महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।

लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र

  • महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।
  • अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।
  • घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।
  • जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।
  • जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।
    जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो।

लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम

  • लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।
  • वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर
    क्लिक करें।
  • दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।
  • कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।
  • मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।
  • ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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