कावड़ यात्रा में हर 15 से 20 किलोमीटर पर बनाए जाएंगे सुविधा केंद्र, श्रद्धालुओं के लिए भोजन की होगी व्यवस्था, CM मोहन यादव ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सावन कावड़ यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए भोजन व सुविधा केंद्रों के निर्देश दिए हैं। वहीं इस दौरान भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय पहचान दिलाने और समग्र पर्यटन विकास पर भी जोर दिया है।
कावड़ यात्रा में हर 15 से 20 किलोमीटर पर बनाए जाएंगे सुविधा केंद्र, श्रद्धालुओं के लिए भोजन की होगी व्यवस्था, CM मोहन यादव ने दिए निर्देश

मध्य प्रदेश पर्यटन विकास को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार्मिक पर्यटन, आदिवासी संस्कृति और पर्यटन सुविधाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। दरअसल कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए हर 15 से 20 किलोमीटर पर सुविधा केंद्र बनाने, भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने और होम-स्टे व निजी निवेश को बढ़ावा देने पर सरकार का विशेष फोकस रहेगा।

दरअसल मध्य प्रदेश सरकार अब पर्यटन को सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। पर्यटन विकास निगम की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को बेहतर सुविधाओं के साथ देशभर में नई पहचान दिलाई जाए।

स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी फोकस

वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में कहा कि मध्य प्रदेश के पास धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं। इन्हें बेहतर तरीके से विकसित करने के लिए विभागों के बीच समन्वय जरूरी है। उन्होंने पर्यटन विभाग, वन विभाग और संस्कृति विभाग को मिलकर काम करने के निर्देश दिए ताकि पर्यटकों को एक बेहतर अनुभव मिल सके। सरकार का मानना है कि पर्यटन बढ़ने से होटल, ट्रांसपोर्ट, स्थानीय बाजार, हस्तशिल्प और छोटे कारोबारियों को भी सीधा फायदा मिलेगा। इसी वजह से निवेश की मंजूरी देने की प्रक्रिया को तेज करने और निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। सरकार चाहती है कि पर्यटन से जुड़े प्रोजेक्ट तय समय में शुरू हों और उनका लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचे।

कांवड़ यात्रा और भगोरिया उत्सव बने सरकार की प्राथमिकता

दरअसल बैठक में सावन के दौरान होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष तैयारियों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए हर 15 से 20 किलोमीटर पर भोजन प्रसादी और जरूरी सुविधाओं वाले केंद्र बनाए जाएं। इन केंद्रों पर पीने का पानी, विश्राम, प्राथमिक चिकित्सा और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी बढ़ाने की बात कही ताकि व्यवस्थाएं अधिक प्रभावी बन सकें। वहीं, आदिवासी संस्कृति की पहचान माने जाने वाले भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने के निर्देश भी दिए गए। सरकार अगले वर्ष के भगोरिया उत्सव की तारीखें पहले से घोषित कर व्यापक प्रचार अभियान चलाना चाहती है, ताकि देश-विदेश से अधिक पर्यटक इस अनूठे सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बन सकें। इससे आदिवासी संस्कृति को नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश पर्यटन विकास में होम-स्टे

वहीं मुख्यमंत्री ने ग्रामीण और वन क्षेत्रों में होम-स्टे मॉडल को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया। उनका मानना है कि इससे पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, खानपान और जीवनशैली को करीब से जानने का अवसर मिलेगा, जबकि गांवों में रहने वाले लोगों की आय भी बढ़ेगी। इसके साथ ही बड़े शहरों में निजी निवेश के जरिए आधुनिक कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की योजना पर भी काम तेज किया जाएगा। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे बनने वाले सुविधा केंद्रों में अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इन परियोजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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