पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए 7 समूहों का किया गठन, जानें कौन अधिकारी किस क्षेत्र की करेगा निगरानी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान युद्ध के संभावित आर्थिक प्रभावों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी तैयारी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर तेल, गैस, महंगाई और आपूर्ति श्रृंखला जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की निगरानी के लिए सात अधिकार प्राप्त समूहों का गठन किया गया है। इन समूहों में पीएमओ, कैबिनेट सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले किसी भी असर को कम करने के लिए काम करेंगे।
पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए 7 समूहों का किया गठन, जानें कौन अधिकारी किस क्षेत्र की करेगा निगरानी

पश्चिम एशिया में गहराते संकट और ईरान युद्ध की आशंकाओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को किसी भी संभावित झटके से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक व्यापक योजना तैयार की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर सात उच्च-शक्ति प्राप्त समूहों का गठन किया गया है। ये समूह तेल-गैस की कीमतों से लेकर महंगाई और सप्लाई चेन तक, हर पहलू पर पैनी नजर रखेंगे और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए रणनीति बनाएंगे।

यह फैसला कैबिनेट की सुरक्षा समिति की उस बैठक के बाद लिया गया, जिसमें पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और भारत पर इसके पड़ने वाले प्रभावों की गहन समीक्षा की गई थी। इन समूहों का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों का आकलन करना, आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा को दूर करना और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और कीमतों को स्थिर बनाए रखना है।

अर्थव्यवस्था से लेकर रणनीतिक मामलों तक, विशेषज्ञों की टीम तैनात

सरकार ने हर चुनौती के लिए एक विशेष टीम बनाई है, जिसकी कमान संबंधित मंत्रालयों के शीर्ष अधिकारियों को सौंपी गई है।

आर्थिक और वित्तीय मामले: अर्थव्यवस्था, वित्त और आपूर्ति से जुड़े मुद्दों की निगरानी के लिए बनाए गए समूह का नेतृत्व आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर करेंगी। इस समूह में वाणिज्य, वित्तीय सेवा, व्यय, और एमएसएमई जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों के सचिव शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि व्यापार और उद्योग पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

रणनीतिक मुद्दे: रक्षा, विदेश नीति और कानून-व्यवस्था जैसे संवेदनशील मुद्दों पर नजर रखने वाले समूह के संयोजक विदेश सचिव विक्रम मिस्री होंगे। उनकी टीम में गृह सचिव गोविंद मोहन और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भी शामिल हैं।

ऊर्जा, उर्वरक और महंगाई पर खास फोकस

सरकार का सबसे ज्यादा ध्यान ऊर्जा सुरक्षा और आम आदमी पर महंगाई के बोझ को रोकने पर है। इसके लिए विशेष समूह बनाए गए हैं।

पेट्रोलियम और ऊर्जा: पेट्रोलियम, एलएनजी और एलपीजी से जुड़े मामलों की देखरेख पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल के नेतृत्व वाली टीम करेगी। इसमें बिजली, कोयला मंत्रालयों के सचिवों के साथ-साथ ओएनजीसी (ONGC) और आईओसी (IOC) जैसी बड़ी सरकारी कंपनियों के प्रमुख भी शामिल हैं।

उर्वरक और कृषि: किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में एक समूह बनाया गया है। यह समूह उर्वरकों और खेती में इस्तेमाल होने वाली अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति और कीमतों पर नजर रखेगा।

महंगाई और जरूरी वस्तुएं: आम जनता से सीधे जुड़े इस मुद्दे के लिए उपभोक्ता मामले सचिव निधि खरे की अगुवाई में एक समूह काम करेगा। यह टीम सुनिश्चित करेगी कि बाजार में जरूरी वस्तुओं की कोई कमी न हो और उनकी कीमतें नियंत्रण में रहें।

इसके अलावा, परिवहन और लॉजिस्टिक्स के लिए पोत, जलमार्ग और परिवहन सचिव विजय कुमार के नेतृत्व में और सूचना एवं संचार के लिए सूचना और प्रसारण सचिव संजय जाजू के नेतृत्व में भी अलग-अलग समूह गठित किए गए हैं। ये सभी टीमें आपस में समन्वय स्थापित कर काम करेंगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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