बजट 2025 : मोदी सरकार के बजट में किसानों को क्या क्या मिला? एक क्लिक में जानिए यहां

मोदी सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढा दी है। वित्त मंत्री ने बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है।
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Farmers Budget 2025: केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में मोदी सरकार 3.0 का आम बजट 2025-26 पेश कर दिया है। इस बार के बजट में केन्द्र सरकार ने कई बड़े ऐलान किये हैं।खास करके किसानों को कई बड़ी सौगात दी है,हालांकि  किसान सम्मान निधि योजना की राशि बढ़ाने पर कोई ऐलान नहीं हुआ

बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों के लिए सस्ते ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड के तहत लोन लेने की लिमिट को बढ़ाने समेत कई बड़े ऐलान किए है।अगर आप किसान क्रेडिट कार्ड पाना चाहते हैं, तो आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, ड्राइविंग लाइसेंस, कृषि भूमि के कागजात आदि दस्तावेज होना अनिवार्य है।

आईए जानते है किसानों को बजट में क्या क्या मिला?

  • किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ा दी गई है, इसे 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। किसान अब 5 लाख रुपये तक का लोन ले सकेंगे।
  • बिहार में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी बनेगा।  डेयरी और फिशरी के लिए 5 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा।
  • किसान क्रेडिट कार्ड 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पावधि ऋण की सुविधा प्रदान करता है।
  • यूरिया प्लांट खोलने का ऐलान।किसानों को कम दर पर यूरिया मिल सकता है।
  • प्रधानमंत्री धन धान्य योजना का विस्तार होगा। इसमें क्रॉप डायवर्सिफिकेशन पर फोकस होगा। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ेगी, जिसका लाभ 7.5 करोड़ किसानों को होगा।इसके तहत तहत कम पैदावार, आधुनिक फसल गहनता और औसत से कम ऋण मापदंडों वाले 100 जिले शामिल किए जाएंगे। इससे 1.7 करोड़ किसानों को फायदा होगा।
  • उच्च उपज वाले बीजों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय मिशन शुरू करने की घोषणा की।
  • कपास के उत्पादन को बढ़ावा देने 5 वर्षीय मिशन शुरू किया जाएगा। ईईजेड में मत्स्य पालन के सतत उपयोग के लिए एक प्रोजेक्ट पेश करने का जिक्र।
  • मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को बेहतर बनाने के लिए बिहार में मखाना बोर्ड का गठन होगा। बिहार के किसानों को मखाने की खेती में मदद मिलेगी।इससे आय बढ़ेगी और रोजगार के अवसर खुलेंगे।
  • खाद्य तेलों के उत्पादन पर ध्यान दिया जाएगा। तुअर, उड़द और मसूर दाल के लिए सरकार छह वर्ष का मिशन शुरू करेगी ।नैफेड और एनसीसीएफ तीन तरह की दालों की खरीद करेगी। इन एजेंसियों में पंजीकृत किसानों से दालें खरीदी जाएंगी।
  • असम के नामरूप में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक क्षमता वाले संयंत्र की स्थापना की जाएगी। पूर्वी क्षेत्र में बंद पड़े तीन यूरिया संयंत्रों को फिर से खोला गया है।सरकार सहकारी क्षेत्र के लिए ऋण देने के कार्यों हेतु राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को सहायता प्रदान करेगी।
  • श्रीअन्न और फलों की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्यों के साथ मिलकर एक योजना शुरू की जाएगी। इसमें कृषि उपज संगठनों को लाभ मिलेगा।

क्या है किसान क्रेडिट कार्ड

  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) एक वित्तीय उत्पाद है जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और NABARD द्वारा किसानों को उनकी कृषि और संबंधित कार्यों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए लॉन्च किया गया है।
  • KCC किसानों को कृषि कार्यों के लिए तत्काल ऋण प्रदान करता है, जो उन्हें फसल की बुवाई, सिंचाई, उर्वरकों, बीजों, कीटनाशकों, और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है।
  • बैंकों की सामान्य ऋण दरों की तुलना में सस्ती ब्याज दरें लागू होती हैं। किसानों को अपनी फसल की कटाई के बाद भुगतान करने की सुविधा मिलती है।
  • किसानों को आपातकालीन स्थितियों, जैसे प्राकृतिक आपदाओं या फसल की खराबी, के दौरान भी वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है।
  • अगर आप किसान क्रेडिट कार्ड पाना चाहते हैं, तो आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, ड्राइविंग लाइसेंस, कृषि भूमि के कागजात आदि दस्तावेज होना अनिवार्य है।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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