
Uttrakhand Upanal Employees : उत्तराखंड के पूर्व सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत उपनलकर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। मानदेय वृद्धि और हटाए गए कर्मचारियों को पुन रखे जाने के फैसले के बाद अब राज्य सरकार ने कर्मियों के हित में एक और बड़ा फैसला किय है। अब 8 दिन की हड़ताल की अवधि का मानदेय नहीं काटा जाएगा, इसे छुट्टी में समायोजित किया जाएगा। हालांकि शासन द्वारा अवकाश अवधि के समायोजन की मंजूरी इस शर्त पर दी जा रही है कि भविष्य में पुन: इसे ना दोहराया जाए।
नहीं कटेगा मानदेय, छुट्टी में समायोजित किया जाएगा
दरअसल, फरवरी में प्रदेश के 25 हजार उपनल कर्मचारी मानदेय बढ़ाने सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कार्यबहिष्कार पर चले गए थे, जिससे सरकारी काम पर असर पड़ने लगा था। इसके बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी और सचिव सैनिक कल्याण ने कर्मचारी संघ से मुलाकात की और मानदेय बढ़ने समेत विभिन्न मांगों के लिए समिति गठन का आश्वासन दिया, इसके बाद कर्मचारियों ने आंदोलन स्थगित किया था। लेकिन इन कर्मचारियों पर हड़ताल की अवधि का मानदेय कटने का डर सता रहा था, हालांकि अब सैनिक कल्याण सचिव के आदेश में के बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
हटाए गए उपनल कर्मचारियों की एक महीने में होगी बहाली
इससे पहले पिछले हफ्ते उत्तराखंड सरकार ने हटाए गए उपनल कर्मचारियों को एक महीने के भीतर फिर से रखे जाने के निर्देश जारी किए है। यूपी शासन ने इस संबंध में प्रबंध निदेशक पूर्व सैनिक निगम, सभी विभागाध्यक्ष, दोनों मंडल आयुक्त और सभी सचिव एवं प्रभारी सचिव को पत्र लिखा है। इसमें साफ कहा गया है कि यदि उपनल कर्मचारी कदाचार, अनुशासनहीनता, अयोग्यता के दोषी नहीं हैं, तो उन्हें फिर से रखा जाए। कर्मचारियों को आवेदन करने पर एक महीने के भीतर रखा जाएगा। इन कर्मचारियों को रखे जाने की सभी जिम्मेदारी विभाग एवं संबंधित नियुक्त अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष पर होगी।
फरवरी में बढ़ाया गया था 10 फीसदी मानदेय
गौरतलब है कि बीते महीने हड़ताल और आंदोलन पर जाने के बाद राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उपनल कर्मचारियों का 10 फीसदी मानदेय बढ़ा दिया था। वित्त विभाग द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद उत्तराखंड शासन ने आदेश भी जारी कर दिए थे। इस मानदेय वृद्धि से प्रदेश के 25 हजार से ज्यादा कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इससे वेतन में 1200 से 3600 रुपए तक का लाभ मिलेगा। इससे पहले अक्टूबर 2021 को कर्मचारियों के मानदेय की दरों में बदलाव किया गया था। राज्य सरकार द्वारा 2004 से अबतक उपनल कर्मचारियों के मानदेय में 7 बार वृद्धि और दो बार प्रोत्साहन भत्ते में संशोधन किया गया है।
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