
IAS Transfer 2024: केंद्र सरकार ने ब्यूरोक्रेसी में एक बार फिर फेरबदल किया है। एक साथ भारतीय प्रशासनिक सेवा के 7 अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने तबादले और नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा आदेश जारी किया गया है।
आदेश के तहत कपड़ा मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय समेत कई विभागों के सचिव बदले गए हैं। कपड़ा मंत्रालय सचिव पर कार्यरत रचना शाह को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय में सचिव पद पर नियुक्त किया गया है।
इन विभागों के सचिव बदले गए (Central Government IAS Transfer)
- अरुणिशा चावला, सचिव, फार्मास्यूटिकल्स विभाग, रसायन और उर्वरक मंत्रालय को सचिव, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय के रूप में नियुक्त किया गया है।
- विनीत जोशी को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में सचिव पद पर तैनात किया गया है।
- अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में सचिव पद पर संजय सेठी को अप्वॉइंट किया गया है।
- भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित अग्रवाल को फार्मास्युटिकल्स विभाग, रसायन और उर्वरक मंत्रालय के सचिव पद पर नियुक्त किया गया है।
- नीलम शमी राव, सचिव राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को कपड़ा मंत्रालय में सचिव पद पर नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रीय उत्पादक परिषद का महानिदेशक इन्हें बनाया गया (IAS Officers)
नीरज शेखर को राष्ट्रीय उत्पादक परिषद (National Productivity Council) के महानिदेशक पद पर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह सूचना एवं प्रशासन मंत्रालय के विशेष सचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है।
अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →

