IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड: अदालत ने पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन सहित 5 आरोपियों को सुनाई उम्रकैद की सजा

वर्ष 2020 में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा के बाद 24 फरवरी, 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें हुईं, जिसमें कम से कम 53 लोग मारे गए और कई घायल हो गए थे।
IB officer Ankit Sharma murder case Former AAPcouncillor Tahir Hussain sentenced life imprisonment

IB officer Ankit Sharma murder case Former AAPcouncillor Tahir Hussain sentenced life imprisonment

पिछले 6 वर्षों से 2020 दिल्ली दंगों के घाव झेल रहे IB अधिकारी अंकित शर्मा का परिवार आज राहत की साँस ले पायेगा क्योंकि दिल्ली की कड़कड़डुमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद की सजा सुनाई, आज शुक्रवार 31 जुलाई को सजा का एलान करने से पहले कोर्ट ने अंकित शर्मा हत्याकांड को समाज को झकझोर देने वाली एक क्रूर घटना बताया।

कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन समेत अन्य चार दोषियों की सजा का एलान कर दिया है। कोर्ट ने पांचों दोषियों को आजीवन कारावस की सजा सुनाई है। ताहिर के साथ कोर्ट ने अदनान, नाजिम, जावेद, और कासिम को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है, कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज प्रवीण कुमार ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन, अदनान, जावेद, नाजिम और कासिम को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या का दोषी ठहराया था, कोर्ट ने ताहिर को IPC की धाराओं 302, 188, 153, 153A, 147, 149 और 365 के तहत दोषी माना था।

हत्या के बाद शव को नाले में फेंक दिया था 

अदालत ने सजा सुनाते हुए कहा कि हमला बहुत भीषण, निर्मम  और क्रूर था, आरोपी पीड़ित की मौत के बाद भी उसके शव को घसीटकर चांद बाग ले गए और उसे नाले में जानवरों की तरह फेंक दिया गया, कोर्ट ने कहा यह घटना समाज को झकझोर देने वाली थी, जिस तरह से यह पूरी घटना हुई उसने समाज को सोचने पर मजबूर किया हालाँकि दिल्ली पुलिस और पीड़ित परिवार ने सभी दोषियों के लिए मौत की सजा देने की मांग की थी।

अंकित के शरीर पर मिले थे 51 घाव 

गौरतलब है कि दिल्ली दंगों के दौरान 2020 में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या  कर दी गई थी, दिल्ली पुलिस ने अदालत में इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला बताया था, पुलिस ने बताया कि अंकित के शरीर पर 51 घाव थे जिसमें से सात बहुत घातक थे, ये घाव धारदार हथियार से किये गये थे। इस मामले में कुल 11 आरोपी बनाये गए थे जिसमें से 6 को बरी कर दिया गया और कोर्ट ने 5 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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