भगवा रंग पर ममता को एतराज, इंडियन क्रिकेट टीम की प्रैक्टिस जर्सी, मायावती, मेट्रो और नमो को लेकर जताई आपत्ति

Mamta Banerjee objection on Bhagwa colored practice jersey of Indian cricket team Mamta Banerjee objection on saffron colored practice jersey of Indian cricket team

Mamta On Bhagwa Rang : भारतीय क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच चुकी है और कल यानी रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के साथ अपना मैच खेलने जा रही है। इसको लेकर पूरा देश न केवल टीम की जीत की दुआएं कर रहा है बल्कि अपने-अपने ढंग से टीम को सपोर्ट भी कर रहा है। विदेशी देसी कलाकार देश के प्रधानमंत्री प्रदेशों के मुख्यमंत्री और न जाने कितने ही हाई प्रोफाइल मेहमान कल नरेंद्र मोदी स्टेडियम में इस वर्ल्ड कप के फाइनल को  देखने जाने वाले हैं।

ममता ने भारतीय क्रिकेट टीम को दी बधाई, लेकिन तंज भी कसा 

ऐसे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी भारतीय टीम को कल होने वाले फाइनल मैच के लिए शुभकामनाएं दी हैं। लेकिन बधाई देने के साथ-साथ ममता बनर्जी ने भारतीय क्रिकेट टीम की प्रैक्टिस के दौरान पहनी जाने वाली जर्सी पर निशाना साधा है। ममता ने कहा “अब सब कुछ भगवा हो रहा है! हमें अपने भारतीय खिलाड़ियों पर गर्व है और मुझे विश्वास है कि वे विश्व विजेता बनेंगे… लेकिन जब वे अभ्यास करते हैं तो उनकी ड्रेस भी भगवा हो गई है…! वे पहले नीला रंग पहनते थे”। इतना ही नहीं ममता बनर्जी ने मेट्रो स्टेशनों पर किए जा रहे भगवा रंग को लेकर भी ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा “यहां तक कि मेट्रो स्टेशनों को भी भगवा रंग में रंगा जा रहा है”।

मायावती और नमो ट्रेन को लेकर भी साधा निशाना 

ट्रेनों और अन्य चीजों को नमो नाम दिए जाने पर भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गहरी आपत्ति जताई है। इतना ही नहीं उन्होंने मोदी पर निशाना साधते हुए मायावती को भी आड़े हाथ ले लिया। ममता ने कहा कि “एक बार मैंने सुना था कि मायावती ने अपनी मूर्ति बनवाई है, लेकिन अब यह सामान्य हो गया है…अब हर चीज का नाम नमो के नाम पर रखा जा रहा है. इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है.”

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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